गरोठ | वन विभाग में एसडीओ के पद पर पदस्थ रहकर वर्तमान में देवास ट्रांसफर हो गया है। विकास माहोरे ने निशुल्क हेल्पिंग हैंड ऐप लांच करके मंदसौर और देवास जिले को जोड़कर 2 जरूरतमंद लोगों के बीच की एक कड़ी बनाई है। यह असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगा।
असंगठित लोगों को यह पता नहीं चलता कि मुझे जॉब कहां करना है। ना ही जॉब देने वाले को यह पता चलता है कि हमें किससे यह काम पूरा करवाना है। इन दोनों की बीच की कड़ी को विकास माहोरे ने समझा, क्योंकि विकास माहोरे ने पूर्व में 6 वर्ष तक डिजिटल प्राइवेट सेक्टर में काम कर चुके हैं। उसके बाद उनका सिलेक्शन वन विभाग में हो गया। लोक प्रशासक होने के बाद भी लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके दिमाग में द्वन्द चल रहा था। असंगठित क्षेत्र के मजदूर भारत देश में 38 करोड़ हैं। देश का एक बड़ा तबका 91% कामगारों का होकर पता नहीं होता कि हमें जॉब कहां मिलेगी, इसी प्रकार जॉब देने वाले को भी यह पता नहीं होता कि हमें हमारा काम किससे करवाना है। एक बड़ा तबका भारत में जॉब पाने और देने वाले दोनों के बीच की कड़ी नहीं बन पाने से देश की विकास दर आगे नहीं बढ़ पाई है।
80 के दशक में चीन जैसे बड़े देश में असंगठित लोगों को संगठित करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाकर सभी को संगठित कर लिया। कई क्षेत्रों में तीव्र गति से काम शुरू होने लगा, जिसका परिणाम यह हुआ कि चीन ने देश की आर्थिक ग्रोथ और हर प्रकार के उत्पादन पर काम करके विकास दर को बढ़ाया है। अब इसकी आवश्यकता भारत देश को भी महसूस हो रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी असंगठित क्षेत्र में कई योजनाएं लाकर असंगठित लोगों को संगठित करने के प्रयास निरंतर कर रहे हैं। हाल ही में भारत देश जनसंख्या के आंकड़े विश्व में सर्वाधिक युवा और जनसंख्या में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है।
अब युवाओं को सही दिशा में काम करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। विकास माहोरे ने जो हेल्पिंग हैंड्स एप बनाया है, इसके जरिए मंदसौर जिले के प्रत्येक गांव को इस ऐप के माध्यम से जोड़ा है। इसी प्रकार यहां से ट्रांसफर होने के बाद देवास जिले में भी हेल्पिंग हैंड ऐप्स से कई गांव को विकास माहोरे ने जोड़ा है।
एक उदाहरण दिया कि एक ट्रक मालिक के पास 10 ट्रक हैं, तो उनको चलाने के लिए 10 ड्राइवरों की आवश्यकता होती है। ट्रक मालिक जिसकी वैकेंसी नहीं निकालता है, मजबूरन तीन ड्राइवरों से ट्रक मालिक का काम चलता है। दूसरी और अपने सात ट्रक समय पर नहीं चला पाते हैं। इसके लिए यह ऐप कारगर होगा, इसमें जॉब के लिए ऐप पर जाकर सात ड्राइवरों की आवश्यकता के लिए मांग की जाना होती है। ऐप पर यह मालूम पड़ जाएगा कि कितने लोग ड्राइवर बनना चाहते हैं। उनसे सीधे संपर्क हो जाएगा और ट्रक मालिक को 7 और ड्राइवर मिल जाएंगे। विकास मोहारे ने अत्यधिक संख्या में डाउनलोड कर लाभ लेने की अपील भी की है।
घरेलू सेवाएं, कृषि कार्य, कंप्यूटर रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिक सामान, रिपेयरिंग, लघु उद्योग, मिट्टी के बर्तन, ब्यूटीशियन कंप्यूटर का काम, मकान निर्माण, होटल रेस्टोरेंट, स्वास्थ्य वितरण सेवा आदि इस प्रकार ऐप के जरिए सुविधाएं हासिल की जाएगी।