उज्जैन। आनंदनगर कॉलोनी में लोग वर्षों से रह रहे हैं, इस कॉलोनी को वैध किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे रहवासियों को सुविधाएं मिलेगी डॉ. मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री भास्कर संवाददाता द्य उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में पहली कॉलोनी आनंद नगर होगी, जो कि वैध हो सकेगी। कॉलोनी में करीब 800 से ज्यादा परिवार निवासरत हैं।
कॉलोनी के वैध होने पर नगर निगम से मकानों के नक्शे स्वीकृत हो सकेंगे और रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकेगी। यानी उपलब्ध सुविधाओं में इजाफा हो सकेगा। महानंदानगर के समीप स्थित आनंद नगर कॉलोनी करीब 35 साल पुरानी है। यहां के रहवासियों पर लंबे समय से संकट मंडराया हुआ था।
मंदिर की जमीन होने से उन्हें जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। इससे रहवासियों की मुश्किल बढ़ी थी। इसी बीच अब रहवासियों के लिए यह राहत की खबर है कि उनकी कॉलोनी वैध होगी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को महापौर मुकेश टटवाल व वार्ड पार्षद की मौजूदगी में आयोजित वसंत विहार कॉलोनी में होम्योपैथिक औषधालय की बिल्डिंग के निर्माण कार्य के भूमि पूजन के मौके पर कहा कि आनंद नगर शीघ्र ही वैध होगी। इससे रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिलने लगेगी। अब तक शहर में करीब 34 अवैध कॉलोनियों को वैध किया जा चुका है, इसी कड़ी में अब आनंदनगर कॉलोनी को भी वैध किया जा सकेगा।
महानंदानगर के पास 35 साल पहले से रह रहे लोग पूर्व पार्षद सुनील बौरासी का कहना है कि आनंदनगर में करीब 800 से 900 परिवार निवास करते हैं। यह जमीन मंदिर के नाम से मिली थी, जिस पर करीब 35-36 साल पहले अवैध रूप से कॉलोनी काटी गई थी। इसमें लोगों ने प्लॉट खरीदकर मकानों का निर्माण कर लिया। यहां के रहवासी हाउस टैक्स जमा कर रहे हैं।
कुछ रहवासियों ने नगर निगम से नक्शे भी स्वीकृत करवा चुके हैं। इसके तहत ही मकानों का निर्माण हुआ है। पूर्व पार्षद बौरासी ने बताया कि 1986-87 के पहले से लोग यहां रहे हैं। इसमें कुछ लोगों ने नक्शा भी पास करवा रखा है। यहां पर बैंकों से हाउस लोन भी स्वीकृत हो चुके हैं। कॉलोनी में वैसे तो बिजली-पानी आदि की सुविधाएं मिल रही है। कॉलोनी में हर दिन कचरा गाड़ी आती है।
पानी के लिए पीएचई की लाइन डली हुई है, जिससे घर-घर नल से जलप्रदाय किया जा रहा है। छह साल से पेंडिंग प्रस्ताव कॉलोनी के विकास के लिए आनंदनगर विकास समिति गठित की हुई है, जो कि समय-समय पर कॉलोनी की समस्या को उठाते आए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में पार्षद रहते हुए आनंदनगर कॉलोनी को वैध किए जाने का प्रस्ताव नगर निगम के समक्ष रखा था, जो कि अब तक पेंडिंग है। वार्ड 53 के पार्षद प्रतिनिधि करण परमार ने कहा कॉलोनी वैध होने की प्रक्रिया भी चल रही है।