श्योपुर। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्योपुर दीपेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नालसा व सालसा की योजना के प्रति जागरूकता हेतु आज जिला जेल श्योपुर में जेल निरीक्षण सह विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
उक्त शिविर में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्योपुर द्वारा जेल में निरूद्ध बंदियों से कहा गया कि जेल को कैद न समझकर प्रायश्चित करने एवं अपने आप में सुधार करने का एक माध्यम माना जाना चाहिए। जेल के अंदर रहकर भी आप विभिन्न प्रकार की विधाओं में पारांगत हो सकते है जो कि आगामी जीवन में आपके लिये रोजगार का जरिया बन सकता है। अतः जेल के भीतर रहकर आपस में सौहार्द स्थापित करें, भाईचारा बढाए तथा कौशल विकास पर आगामी जीवन को बेहतर बनाये जाने की दिशा में कार्य करें। और आवश्यकता अनुसार कानूनी परामर्श हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्योपुर में सम्पर्क करें।
इसी के साथ ही बंदियों कानूनी रूप से जागरूक करते हुये उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण 1987 के तहत निःशुल्क विधिक सहायता, कैदियों के अधिकारों के बारे में जागरूकता, बंदियो की पेशी, प्लीबार्गेनिंग, पैरोल का अधिकार, नेशनल लोक अदालत व उनके स्वास्थ्य संबंधी, व अन्य समस्याओं का निराकरण किया गया। साथ ही जेल निरीक्षण कर उनको दिन-प्रतिदिन मिलने वाले भोजन की जानकारी ली गई।
उक्त शिविर में दीपेश कुमार तिवारी, पवन कुमार बांदिल, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्योपुर, संतोष बघेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला श्योपुर एवं विजय मौर्य, जेल अधीक्षक, जिला जेल, श्योपुर, व जिला जेल के अन्य स्टॉफ उपस्थित रहें।