शामगढ़। शामगढ पुलिस ने देश के महत्वाकाँक्षी योजना के अन्तर्गत भारतमाला परियोजना के तहत बनाये जा रहे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे (8-लेन) को थाना शामगढ क्षेत्र के गाँव बनी के पास उच्च विस्फोटक पदार्थ से विस्फोट कर क्षतिग्रस्त करने वाले आरोपीगण सुल्तान सिंह व रमेशचन्द्र ओढ के विरूद्ध एनएसए (रासुका) के तहत की कार्यवाही की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 लेन निर्माण कंपनी जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड के सीनियर हाईवे इन्जीनियर नेमीचन्द्र सिंघाडिया की शिकायत पर यह कार्यवाही की गई है। शिकायत में इंजीनियर द्वारा बताया गया कि मैं वर्तमान में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे (8-लेन) के निर्माण एवम् मेन्टेनेन्स का कार्य देख रहा हूँ। मुझे सूचना प्राप्त हुई कि गाँब बनी के पास निकल रहे दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे (8-लेन) पर बने अंडर ब्रिज (बॉक्स कल्वर्ट 515/1 R) को विस्फोटक के माध्यम से विस्फोट कर सुल्तान सिंह निवासी बनी के द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया है। इन्जीनियर नेमीचन्द्र सिंघाडिया की रिपोर्ट पर से शामगढ पर अप क्र 273/23 धारा 427 भादवि 3/4 लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 का कायम कर विवेचना में लिया।
शामगढ़ पुलिस ने विवेचना में पाया कि आरोपी रमेशचन्द्र ओढ जिसके पास उच्च विस्फोटक पदार्थ जिलेटिन को विस्फोट करने की मशीन (एयर क्रम्प्रेशर) है और किसी प्रकार का कोई लायसेन्स व वैध दस्तावेज नही है व आरोपी सुल्तान सिंह का सहयोग किया है जो दोनों आरोपी रमेशचन्द्र ओढ व सुल्तान सिंह ने मिलकर देश की महत्वाकाँक्षी परियोजना दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे (8-लेन) को विस्फोट कर क्षतिग्रस्त कर बाधित कर राष्ट्र की सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया है। यदि समय पर जानकारी नहीं मिलती और एक्सप्रेस वे आवागमन के लिये प्रारम्भ हो जाता तो अत्यधिक जान व माल का नुकसान होता। आरोपियों द्वारा किये गये गंभीर अपराध पर गिरफ्तार कर उक्त दोनों आरोपीयों के विरूद्ध एनएसए की कार्यवाही की गई है।