उज्जैन। शहर के हामुखेड़ी में रहने वाले दिलीप वाघेला (उम्र 47 वर्ष) पिता मानाजी वाघेला अक्सर बीमार रहते थे। वे कमजोर होते जा रहे थे, जिस कारण उनको दैनिक कार्य करने में भी परेशानी आ रही थी एवं स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के कारण उनके परिजन दिलीप को प्रायवेट अस्पताल ले गये, जहां पर चिकित्सक द्वारा दिलीप की जांच करवाई जिसमें पाया कि दिलीप की किडनी में खराबी है। उन्हें डायलेसिस की आवश्यकता बताई गई। दिलीप द्वारा प्रायवेट अस्पताल में डायलेसिस करवाना प्रारंभ किया गया। जब सप्ताह में दो बार डायलेसिस की आवश्यकता पड़ने लगी और उसका खर्च तीन से चार हजार रुपये प्रति सप्ताह आने लगा, जिस कारण परिवार की आर्थिक स्थिति गड़बड़ाने लगी।
बड़ी ही आशा के साथ दिलीप के परिजन उनको लेकर जिला चिकित्सालय उज्जैन पहुंचे। चिकित्सालय में चिकित्सक डॉ.रानी थाणे द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया एवं उनको बताया गया कि वे जिला चिकित्सालय में ही स्थापित आयुष्मान कक्ष पर संपर्क करें। यदि योजना का लाभ लेने हेतु पात्र पाये गये तो इनका निःशुल्क उपचार प्राप्त हो जायेगा। इसके बाद दिलीप का पंजीयन आयुष्मान योजना अन्तर्गत किया गया। वे आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लाभ लेने हेतु पात्र पाये गये। आयुष्मान योजना अन्तर्गत दिलीप का सप्ताह में दो बार निःशुल्क डायलेसिस जिला चिकित्सालय उज्जैन की डायलेसिस युनिट में चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.रानी थाणे एवं प्रशिक्षित स्टॉफ शिखा सोनी की निगरानी मे किया जा रहा है। अब उनके परिवार को पहले से काफी राहत है। सप्ताह में दो दिन डायलेसिस का खर्च आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अन्तर्गत शासन द्वारा वहन किया जा रहा है। डायलेसिस के कारण अब दिलीप पहले से अच्छा महसूस कर रहे है एवं उनके परिवार वाले भी दिलीप के स्वास्थ्य में सुधार से संतुष्ट हैं।निकट भविष्य में दिलीप के बेहतर स्वास्थ्य लाभ होने की आशा है। दिलीप के परिवार वाले इस योजना का लाभ मिलने से बेहद खुश है जिसके अन्तर्गत डायलेसिस का खर्च मध्यप्रदेश शासन द्वारा वहन किया जा रहा है।