नीमच। प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ। पहले सप्ताह में ही मानसून की मेहरबानी से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने। कई जगहों पर नदी-नालों के उफान पर आने से लोग फंस गए जिन्हें रेस्क्यू कर बचाना पड़ा। नीमच शहर में रविवार शाम को झमाझम बारिश हुई थी। इसके बाद मौसम सुहाना हो गया था। आज सोमवार को भी आसमान में कुछ देर के लिए बादल छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। तेज धूप ने नागरिकों को गर्मी का अहसास कराया।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि प्रदेश में मानसून की शुरूआत के साथ ही जोरदार बारिश हुई है। दो दिन तक बारिश में कमी आई, लेकिन 4 जुलाई को एक साइकोनिक सिस्टम एक्टिव हो रहा है। हालांकि, यह कितना स्ट्रॉन्ग होगा इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। यदि यह स्ट्रॉन्ग निकला तो प्रदेशभर में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो जाएगा, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात भी बनेंगे।
नीमच जिले की औसत बारिश 32.5 इंच है। गत वर्ष 03 जुलाई की अवधि तक जिले में औसत 2.6 इंच बारिश हुई थी। जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा 9.2 इंच तक पहुंच चुका है। नीमच विकासखंड में इस वर्ष अब तक 8.5 इंच, जावद में 9.7 इंच व मनासा में 9.4 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि गत वर्ष इस अवधि तक नीमच विकासखंड में नीमच में 2.6 इंच, जावद में 0.8 इंच व मनासा में 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 03 जुलाई को सुबह 8 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटे में जिले में औसत 1.1 इंच वर्षा हुई। इनमें नीमच विकासखंड में 0.5 इंच, जावद में 1.3 इंच व मनासा में 1.4 इंच बारिश शामिल है।