जबलपुर। प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती के प्रति किसानों में बढ़ती रुचि को देखते हुये शहपुरा विकासखण्ड के ग्राम फुलर में जीवामृत बनाने की यूनिट की स्थापना की गई है। जीवामृत बनाने की इस इकाई की स्थापना प्रगतिशील कृषक विनय सिंह ने की है । इस इकाई में बायो डायजेस्टर लगाया गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को ग्राम फुलर जाकर जीवामृत बनाने की इस इकाई का अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषक विनय सिंह के उत्कर्ष जैविक फार्म पर जैविक कृषि पाठशाला का आयोजन भी किया गया।जैविक कृषि पाठशाला में संयुक्त संचालक कृषि के एस नेताम, आत्मा परियोजना संचालक डॉ एस के निगम अनुविभागीय अधिकारी कृषि डॉक्टर इंदिरा त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पी के श्रीवास्तव एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रजनीश दुबे ने कृषकों को जैविक खेती के बारे में जानकारियां दी।
पाठशाला में बताया गया कि जैविक इकाई यूनिट एक बायोडायजेस्टर टैंक के रूप में होता है। इसकी क्षमता 3 हजार 600 लीटर घोल बनाने की होती है। इसमें जीवामृत बनाने 125 किलो देसी गाय का गोबर, 125 किलो देसी गाय का गोमूत्र, 125 किलो गुड़, 125 किलो मठा, 125 किलो चावल का पानी 25 किलो कद्दू, 25 किलो सहजन की पत्ती एवं इसमें 5 लीटर कल्चर मिलाकर 50 दिन रखते हैं। यह नान एरोबिक बैक्टीरिया बनाता है और 50 दिन बाद प्रतिदिन 300 लीटर जीवामृत तैयार मात्रा में प्राप्त हो जाता है। इस विधि से साल में लगभग 50 हजार लीटर जीवामृत तैयार हो जाता है। किसी भी फसल पर 4 लीटर जीवामृत का छिड़काव करने से सभी प्रकार के पोषक तत्वों की पूर्ति होती है एवं फसल में किसी भी प्रकार का रासायनिक उर्वरक डालने की जरूरत नहीं पड़ती। फसल का उत्पादन उतना ही प्राप्त होता है जितना रासायनिक खेती में होता है।
जैविक पाठशाला में कृषि विशेषज्ञ रजनीश दुबे ने बताया कि कृषि भूमि में जैविक कार्बन वृद्धि से ही भूमि की उर्वरकता बढ़ती है और यदि जीवामृत, नेनोफास, सूक्ष्म पोषक तत्व घोल, षटरस का उपयोग खेत में किया जाये तो उत्पादन भी बढ़ता है। विनय सिंह के खेत में जैविक कार्बन की मात्रा 1.86 हो गई है जो कि अन्य खेतों से चार गुना अधिक है।
उत्कर्ष जैविक कृषि फार्म के संचालक विनय सिंह ने आसपास के गांव से आये कृषकों को कम से कम शुल्क पर जीवामृत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। जैविक कृषि पाठशाला में ग्राम फुलर एवं आसपास के गांवों के लगभग 40 कृषकों ने भाग लिया । आत्मा योजना के विकासखंड प्रबंधक रोहित गुप्ता ने सभी किसानों का आभार व्यक्त किया एवं उन्हें जैविक खेती अपनाने का अनुरोध किया।