चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में संविदा कर्मी कई वर्षो से राजस्थान में टीबी रोगियों का उपचार में लगे हुए है, वर्षो से कार्यरत सेवा कर्मी इस आस में थे कि सरकार द्वारा बनाए गए संविदा सेवा नियम 2022 में इनको शामिल कर नियमित किया जाएगा। सरकार व विभाग ने राजस्थान में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को संविदा सेवा नियम में शामिल कर ज्वाइनिंग भी करवा दी। किंतु स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम में कार्यरत टीबी संविदा कर्मियों को आज तक इन नियमों में शामिल नही किया गया, जो वर्षो से सेवा दे रहे। इन कर्मियों के साथ विभाग व सरकार का सबसे बड़ा धोखा है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत करने पर विभाग के उच्च अधिकारी 4 माह से यह कह कर टाल रहे की नियमों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है जबकि सभी संविदा कर्मियों को शामिल कर लिया सिवाय टीबी संविदा कर्मियों के l
उक्त संविदा कर्मी कई वर्षो से इस विभाग में अल्प वेतन पर कार्यरत है व इनकी भर्ती विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति व नियमों के तहत की गई है ।
सरकार व विभाग द्वारा इन कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है जो इन कर्मियों की इतने वर्षो सेवा के बदले इनको नियमो में शामिल क्यों नही किया। इस प्रकार का भेदभाव सरकार व विभाग द्वारा किया गया है इससे टीबी संविदा कर्मियों की भावनाओ को चोट पहुंची है। जिस सरकार को वोट देकर चुनाव में जितवाया जिस सरकार ने घोषणा पत्र में नियमित करने की घोषणा की थी उस सरकार का का इन कर्मियों के साथ इस प्रकार का भेदभाव सरकार की संविदा कर्मियों को नियमित न करने की मंशा को दर्शाता है। समस्त टीबी संविदा कर्मी सरकार व विभाग के उच्च अधिकारियों से यह अपील करते है जल्द ही इनको संविदा सेवा नियम 2022 में शामिल किया जाए ताकि इनका भी भविष्य अच्छा हो यदि इनको संविदा सेवा नियम में शामिल नही किया तो कर्मी भी उग्र आंदोलन करेंगे। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का सबसे बड़ा प्रोग्राम है आंदोलन करने पर स्वास्थ्य विभाग का टीबी प्रोग्राम अत्यधिक प्रभावित होगा जिसकी जिमेदारी सरकार व विभाग के उच्च अधिकारियों की होगी।