कटनी। कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने सहित प्रसव के रेफरल प्रकरणों की निरन्तर समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर अवि प्रसाद ने स्वास्थ्य महकमें को दो टूक हिदायत दी है कि प्रसव के रेफरल प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को कहा है कि संस्थागत प्रसव कराये जायें, अनावश्यक रूप से सामान्य प्रसव के मामलों को रेफर नहीं किया जाये। साथ ही गर्भवती महिला की एएनसी के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सभी जांचें कराई जायें। इन सब मामलों में कोताही बरतने पर कड़ी कार्यवाही होगी।
विगत दिवस समीक्षा के दौरान ब्लॉक रीठी के उपस्वास्थ्य केन्द्र रीठी सहित ब्लॉक बड़वारा के दो उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़वारा एवं बसाड़ी की ए.एन.एम द्वारा विगत 30 जून एवं 4 जुलाई को गर्भवती महिलाओं को 108 एम्बुलेंस वाहन द्वारा जिला चिकित्सालय कटनी प्रसव हेतु रेफर किया गया था। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं की एएनसी के दौरान नियमानुसार एक भी जांचें नही की गई थी। उपरोक्त लापरवाही पर कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा नाराजगी व्यक्त की जाकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य कर्मियों पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इन्हे हुआ कारण बताओ नोटिस जारी कलेक्टर प्रसाद के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नें उपस्वास्थ्य केन्द्र रीठी की ए.एन.एम रितु पाल सहित बडवारा की ए.एन.एम निर्मला सेन एवं बसाडी उपस्वास्थ्य केन्द्र की ए.एन.एम प्रीमि खरे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है। जारी नोटिस में कारण संतोषप्रद न होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने का लेख किया गया है।
कलेक्टर प्रसाद ने कहा कि हम सबको जिंदगी बचाने का दायित्व नियति और सौभाग्य से मिला है। इसलिए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की दिशा में सीमित संसाधनों के बाद भी बेहतर और कारगर प्रयास किये जाने चाहिए। स्वास्थ्य के मामले में जीरो टालरेंस की नीति पर अमल सुनिश्चित किया जाये।