इंदौर। दोपहिया वाहन खरीदते वक्त हेलमेट नहीं लेकर लोग खुद की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। इंदौर में दोपहिया की बिक्री के बाद हेलमेट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नई गाड़ी खरीदने के बाद वाहन चालकों को हेलमेट शोरूम से दिए गए, लेकिन सिर्फ कागजों में। लोगों ने हेलमेट के बदले कुछ पैसे दिए और डीलर्स ने हेलमेट खरीदी की रसीद फाइलों में लगा दी, ताकि वाहन का रजिस्ट्रेशन हो जाए, साथ ही सरकारी औपचारिकताएं भी।
परिवहन विभाग ने मई 2019 में आदेश जारी किया था। इसमें कहा था कि टू व्हीलर की बिक्री के दौरान दो हेलमेट (चालक और पीछे बैठने वाले) देना अनिवार्य है। इसकी रसीदें भी फाइल के साथ लगाई जाएं। आरटीओ के आंकड़े बताते हैं कि 4 साल में 3.72 लाख से ज्यादा नई गाड़ियां बिकी यानी हर गाड़ी खरीदने वाले व्यक्ति ने डीलर से हेलमेट खरीदा, इसके बाद उनके वाहन रजिस्टर्ड हुए।
शहर के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों के अलग-अलग डीलरों के यहां पहुंचकर दोपहिया का कोटेशन बनवाया। एमजी रोड स्थित एक शोरूम पर वाहन डीलर ने कहा गाड़ी के साथ हेलमेट की रसीद लगेगी। इसके लिए 200 रुपए अलग से लगेंगे। यह रसीद लगाना होगी, तभी गाड़ी रजिस्टर्ड होगी। पलासिया स्थित एक शोरूम पर तो डीलर ने कहा कि आप तो गाड़ी खरीद लो, रसीद हम लगा देंगे। इसकी अलग से आपको कोई राशि नहीं देना होगी। धार रोड स्थित एक डीलर ने कहा वाहन के साथ हेलमेट की रसीद लगाना होती है। इसके लिए 250 रुपए लगेंगे। 211 रुपए 86 पैसे हेलमेट के, बाकी टैक्स के।