नीमच। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तत्वावधान में आज प्रदेश स्तरीय मेडिकल कॉलेज और अन्य जिलों में पदस्थ जिला क्षय अधिकारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम और समीक्षा बैठक (स्टेट लेवल ट्रेनिंग TOT for मेडिकल कॉलेज टास्क फोर्स मेकैनिज्म to एक्सीलरेट एंडिंग टीवी) होटल कोर्टयार्ड मैरियट भोपाल में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाडे, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सुश्री प्रियंका दास, डॉ. अशोक भारद्वाज (NTF चेयर), डॉ. मलिक परमार (NPO NTP डॉक्टर संजय सूर्यवंशी (राष्ट्रीय सलाहकार मेडिकल कॉलेज और राज्य टीबी अधिकारीडॉक्टर वर्षा राय की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की विधिवतशुरुआत की।
डॉक्टर संजय सूर्यवंशी ने अपने स्वागत भाषण में मेडिकल कॉलेज और जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और टीवी उन्मूलन की दिशा में प्रयासों की आवश्यकता पर बात की। डॉक्टर अशोक भारद्वाज ने अपने भाषण में कहा कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज को टीबी उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़कर बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है। डॉक्टर मलिक परमार ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश राज्य द्वारा चलाए जा रहे टीपीटी कार्यक्रम की प्रशंसा की और टीवी उन्मूलन कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए मध्य प्रदेश राज्य को प्रशिक्षित करने का भरोसा दिया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम टीवी उन्मूलन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश राज्य के लिए कदम उठाने के लिए महत्वपूर्ण है और यह देश के अत्याधुनिक उपचार मंडल के निर्माण में सहायता प्रदान करेगा। यह प्रशिक्षण आपातकालीन टीबी मामलों को नियंत्रित करने में मदद करेगा और टीवी के खिलाफ संघर्ष में हमारी सामर्थ्य को मजबूत करेगा।
प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सुश्री प्रियंका दास ने आज अपने उद्बोधन में बतायाकी है कि मध्यप्रदेश राज्य में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से सैंपल एकत्रित करने के लिए सभी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 9300 से अधिक कार्यरत सीएचओ के माध्यम से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम का सहयोग किया जा रहा है। सुश्री प्रियंका दास ने अपने उद्बोधन में बताया कि कोलकाता डिक्लेरेशन के अनुसार टीबी नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यदल का गठन बहुत महत्वपूर्ण है।
सुश्री प्रियंका दास ने अपने उद्बोधन में कहाकि नोटिफिकेशन के जारी होने के साथ-साथ हर लाभार्थी के खाते में डीबीटी की धनराशि पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने टीबी नियंत्रण की दिशा में प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने के लिए कहा है कि वर्ष 2024 तक मध्यप्रदेश राज्य टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोई कमी नहीं रखी जाएगी।