मंदसौर। जिले के नाहरगढ से प्रतिमाह ग्यारस को आने वाली पैदल निशान यात्रा में निशान होगा लेकिन चढ़ेगा नही, सिर्फ शिखर दर्शन कर लोटेंगे सैंकड़ो भक्त। जानकारी अनुसार परम पूज्य गुरुदेव आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में उनके भावो से प्रेरित होकर प्रतिमाह ग्यारस को नाहरगढ़ से मंदसौर खाटू श्याम धाम पैदल यात्रियों का जत्था बाबा के गुणगान करता हुआ मंदसौर मंदिर पहुंचता है। खाटू श्याम बाबा के दर्शन कर अपनी अर्जी गुरुदेव के माध्यम से बाबा को लगाता है। 29 जुलाई 2023 को पद्मिनी एकादशी है। हाल ही में मंदिर ट्रस्ट की नीतियों और परम पूज्य गुरुदेव आशीष शर्मा को हटाया गया, जिससे हजारों श्याम प्रेमी नाराज है। इस ग्यारस को भी भक्त पैदल चलकर मंदसौर खाटू धाम आएंगे लेकिन खाटू श्याम बाबा के मंदिर मंदसौर में प्रवेश नही करेंगे न ही बाबा को निशान चढ़ाएंगे सिर्फ शिखर दर्शन कर लोटेंगे।
30 माह से प्रति एकादशी को पैदल निशान यात्रा श्री खाटू श्यामजी धाम मंदसौर आ रही है। गुरुदेव की प्रेरणा से नाहरगढ से प्रतिमाह ग्यारस को नाहरगढ़ से श्री खाटू श्याम के धाम मंदसौर पहुंचती है, लेकिन ट्रस्टियों से नाराज श्याम प्रेमी पैदल निशान यात्रा करते मंदसौर तो पहुचेंगे लेकिन मंदिर के अंदर प्रवेश नही करेंगे। बाहर खड़े रहकर आरती में शामिल होंगे, बाबा का गुणगान करेंगे।
गुरुदेव आशीष शर्मा की सेवा समाप्ति से दु:खी है श्याम प्रेमी-
मंदसौर खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट की तानाशाही नीति व परम पूज्य गुरुदेव आशीष शर्मा को हटाने से नाहरगढ़ के श्याम प्रेमियों की भावनाओ को काफी ठेस पहुंची है। नाहरगढ़ के श्याम प्रेमी गुरुदेव से प्रेरणा से सनातन धर्म की राह पर चलना सीखे है। मंदिर ट्रस्ट के फरमान से काफी नाराज है और अपनी नाराजगी के चलते श्याम प्रेमी करीब 45 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके मंदसौर के श्री खाटू श्याम जी धाम पहुचेंगे। श्याम प्रेमियों का मन काफी दु:खी है।
श्याम प्रेमी कमलदास बैरागी का कहना है कि श्याम बाबा के दर्शन कर गुरुजी से आशीर्वाद लेते थे सारी थकान कम हो जाती थी। इस बार गुरुदेव नही होंगे जिससे मन बहुत दु:खी है। हम इस बार निशान नहीं चढ़ाएंगे, बाबा के दर्शन करने मंदिर के अंदर भी नही जाएंगे सिर्फ शिखर दर्शन करेंगे और वापस चले जायेंगे।
भूख हड़ताल को देंगे समर्थन-
मंदसौर ट्रस्ट की तानाशाही के नीतियों के विरोध के मंदसौर मंदिर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने वाले श्याम प्रेमियों को समर्थन देंगे। गुरुदेव को वापस लाने और ट्रस्ट को हटाने की मांग को श्याम प्रेमियों ने सही बताया। उनका कहना है कि इनकी मांग सही और उचित है।