नीमच। रक्तदान करने से किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षमता में कमी नहीं आती है। रक्तदान द्वारा शरीर में रक्त की हुई कमी कुछ ही दिनों में पूर्ण हो जाती है। एक व्यक्ति द्वारा दिए गए रक्त के दान से तीन से चार व्यक्तियों की जिंदगी बचाई जा सकती है। उक्त विचार वरिष्ठ चिकित्सक डॉ शक्तिबाला शर्मा ने सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय में इनरव्हील क्लब द्वारा रक्तदान विषय पर आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए। उन्होंने देश में बालिकाओं के घटते हीमोग्लोबिन पर चिंता व्यक्त की।
इस अवसर पर समाजसेवी उषा सिसोदिया ने कहा समाज में विद्यादान, सेवादान की तरह ही रक्तदान का भी बहुत महत्व है। हर व्यक्ति को जीवन में एक बार अवश्य दान करना चाहिए।
एक प्रेस विज्ञप्ति में संस्था की मीडिया मैनेजमेंट डॉ माधुरी चौरसिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं इनरव्हील जनक ओलीवर गोल्ड़ी के चित्र पर माल्यापर्ण कर किया गया। इनरव्हील प्रार्थना का वाचन संस्था सचिव अमरजीत कौर छाबड़ा ने किया।
अपने स्वागत उद्बोधन में छात्रों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रजिया अहमद ने कहा हर धर्म के व्यक्ति के रक्त का रंग लाल होता है जो हमें देशभक्ति एवं साम्प्रदायिक सद्भाव का पाठ पढ़ाता है। कार्यक्रम की संयोजक सरोज गांधी ने कहा महिलाए हर क्षेत्र में आगे आ रही है तो उन्हें रक्तदान में भी पीछे नहीं रहना चाहिए।
इस अवसर पर प्राचार्य एनके डबकरा ने छात्रों को प्रेरित करने वाले इस कार्यशाला के लिए इनरव्हील क्लब को धन्यवाद देते हुए छात्राओं को आगामी 12 अगस्त को रक्तदान करने के लिए आव्हान किया। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया जिसमें विजेता छात्राओं को इनरव्हील क्लब द्वारा पुरूस्कृत किया गया। वक्ताओं के विचारों से प्रेरित होकर डॉ रश्मि हरित ने रक्तदान हेतु अपनी सहमति प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक सरोज गांधी ने किया एवं आभार संस्था सचिव अमरजीत कौर छाबड़ा ने माना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी।