सीधी। संतों की प्रेरणा से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संपूर्ण मध्यप्रदेश के सभी जिलों में स्नेह यात्रा का आयोजन किया है जिससे सामाजिक सौहार्द्र को बढ़ाते हुए समाज में भेदभाव को मिटाया जाए तथा समरसता बढ़ाई जाए। प्रदेश में आनंदमई एकजुटता एवं भाईचारे के साथ सद्भावना का विकास हो सके। एक थाल एक ख्याल की भावना को लेकर संतों की अगुवाई में स्नेह यात्रा गांव-गांव पहुंचकर वंचित वर्ग के साथ संवाद के माध्यम से भारत की गौरवमई सांस्कृतिक धरोहर एवं समरसता के आध्यात्मिक प्रसंगों के माध्यम से विभिन्न जाति, वर्गों एवं संप्रदाय के बीच सद्भावना को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
सीधी जिले में समरसता, भाईचारा और आपसी सौहार्द के संदेश को लेकर निकली आध्यात्मिक यात्रा के प्रमुख संत दिवाकर दास की अगुवाई में 20 अगस्त को स्नेह यात्रा पनिहा से शुरू होकर जमुआ नं. 1, मुडहेरिया, खडौरा, अतरैला, दादर, चंदोहीडोल, मड़वास, महखोर, भुमका में संवाद एवं स्वागत सभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
21 अगस्त को स्नेह यात्रा शिकरा से शुरू होकर दरिया, लोहझर, डोल, बरम्बाबा, गांधीग्राम, नेबूहा, बैरिहा, पटेहरा, रामपुर में संवाद एवं स्वागत सभा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
स्नेह यात्रा के दौरान संत श्री दिवाकर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो खुद जनता से स्नेह करते हैं, उनके समर्थन से संत आपके बीच पहुंच पा रहे हैं। मैं सभी की तरफ से उनको धन्यवाद देते हुए उनसे यह आशा करूंगा कि एक करुणामई राजा की तरह आप सदैव जन कल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ाएं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आज का युवा मोबाइल की बीमारी से ग्रसित है। कुछ अर्थों में मोबाइल की तकनीकी समाज के लिए उपयोगी है परंतु बहुत से ऐसे कारक हैं जिससे मोबाइल स्वयं के साथ संपूर्ण समाज के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है। विदेशी ताकतें भारतीय संस्कृति और उसके समाज को तोड़ना चाहते है। हमारी वैभवमई संस्कृति संपूर्ण विश्व के शुभ की कामना करने वाली है। सनातन संस्कृति को दूषित करने के लिए कई प्रकार के प्रपंच रचे जाते है। लेकिन वह यह नहीं जानते हैं कि यह देश राम, कृष्ण, कबीर, रविदास, मीरा का है जब-जब देश में ऐसी दुर्जनकारी षड्यंत्र किए गए हैं तब-तब यहां की जनता जनार्दन ने संतों के नेतृत्व में उन सभी को मुंह तोड़ जवाब दिया है। भारत के गांव-गांव में बसने वाला प्रत्येक नागरिक जो आपसी सामंजस्य, सद्भाव, प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन यापन करता रहा है, उसने अपनी परंपरा वैभव को सदैव मूल्यवान माना है और उसकी रक्षा के लिए उसके पूर्वजों ने अपने प्राणों तक की परवाह नहीं की। अपना सर्वस्व बलिदान कर अपने धर्म और स्वाभिमान की रक्षा की है। आज भी हम सबको प्रतिज्ञा लेनी होगी कि सदैव भाईचारे और समरस समाज के साथ रहते हुए अपने गांव, अपने परिवार, के साथ-साथ अपने देश के लिए सदैव कार्य करते रहेंगे। अपने कर्मों से अपना उज्जवल भविष्य रचते हुए देश को विश्व के शिखर पटल पर सर्वाेच्च गौरव दिलाएंगे। संबोधन के उपरांत सभी ग्रामों में प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम में समरसता भोज आयोजन किया गया तथा संकीर्तन के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।
स्नेह यात्रा अध्यात्म के प्रभाव के साथ-साथ सामाजिक समरसता के लिए अनूठी पहल है। विश्व बंधुत्व के भाव के साथ देश के अलग-अलग स्थानों से पधारे संत-गण सीधी जिले के हर गांव में यात्राएँ कर रहे हैं। यात्रा के दौरान समरसता को बढ़ाने वाली अनेक तरह की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। यात्रा में जिला समन्वयक जन अभियान परिषद शिवदत्त उरमलिया सहित महर्षि पतंजलि योग समिति, रामचंद्र मिशन, गायत्री परिवार सहित अन्य आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।