चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ विधानसभा के अन्तर्गत हिन्दुस्तान जिंक (वेदान्ता) को पानी की आपूर्ति हेतु घोसुण्डा बांध का निर्माण राज्य सरकार व हिन्दुस्तान जिंक में आपसी समझौते के तहत किया गया। सुखवाड़ा, पंचदेवला, सरलाई, होडा, सतपुड़ा, जवानपुरा, पीपली गुजरान, मोहम्मदपुरा, रूपाखेडी, कंथारिया, सागवाडिया, दोतडी, हजुरपुरा, नाहरगढ, जेतपुरा खुर्द, हाज्यिाखेडी, डेलवास आदि गांवों का पुर्नवास किया गया। उसके तहत मुआवजा दिया जाना तय किया गया। किन्तु आज दिनांक तक हिन्दुस्तान जिंक द्वारा न तो मुआवजा दिया गया और ना ही कोई आधारभूत विकास कार्य कराये गये।
किसानों ने जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया को ज्ञापन देते हुए बताया कि ग्राम होड़ा, सुखवाड़ा व अन्य ग्रामवासियों द्वारा बरसो से लगातार ज्ञापन/समझौता पत्र व धरना प्रदर्शन कर हिन्दुस्तान जिंक से मुआवजा राशि दिये जाने की मांग करते आ रहे है किन्तु प्रशासनिक दखल के पश्चात भी हिन्दुस्तान जिंक द्वारा यथोचित कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे ग्रामवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
घोसुण्डा बांध की भराव क्षमता 424.20 एमआरएल किये जाने के प्रस्ताव के कारण संबंधित ग्रामवासी व काश्तकार न तो भू-उपभोग कर पा रहे है और न ही रूपान्तरण कार्यवाही हो पा रही है इससे स्थानीय लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में मार्च 2023 में तत्कालीन जिला कलेक्टर की मध्यस्था में लिखित समझौता किया गया एवं 502 विस्थापित ग्राम होड़ा के परिवारों को मुआवजा दिये जाने की सहमति जिंक प्रशासन द्वारा दी गई, किन्तु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नही हुई है जिससे आम लोगो में भारी असंतोष व्याप्त है।
किसानों ने कहा कि इन सभी परिस्थितियों में स्थानीय लोगो का धैर्य जवाब दे रहा है अब 424.20 के तहत भूति अवाप्ति का निर्माण शीघ्र नहीं होने व रोजगार नही दिये जाने व आधारभूत विकास कार्यों के नही करने की वादा खिलाफी के विरोध में ग्रामवासियों द्वारा 10 दिन पश्चात घोसुण्डा बांध का पानी बन्द किया जावेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी हिन्दुस्तान जिंक व स्थानीय प्रशासन की होगी। किसानों के हितों में दिए गए इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के भदेसर मंडल अध्यक्ष महावीर सिंह ने किया। महावीर सिंह के नेतृत्व में मौजूद सैकड़ों की संख्या में किसानों ने जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर हिंदुस्तान जिंक (वेदांता) के खिलाफ नारेबाजी की।
आक्रोशित किसानों ने शीघ्र मांगों पर कार्यवाही नहीं होने पर प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है।