सरवानिया महाराज। किसानों के मसीहा शिवराज सिंह चौहान किसानों के मुख्यमंत्री हैं और ऐसे में जब वो सरवानिया महाराज आ रहें है तो बिजली कंपनी पुरी तरह से चापलूसी में लगी है कि कहीं गाज ना गिर जाये। चौहान के आने में महज 48 घंटे बाकी है और एक खंभे में मामूली दरार आ गई थी तो कहीं शिवराज सिंह आए और खंभा गिर ना जाए इसे देखते हुए बिजली कंपनी ने सभी नियमों को शिथिल कर तुरंत नया खंभा खड़ा कर दिया। लेकिन मैं एक किसान हूं। कांग्रेस सरकार ने रोजगार गारंटी में कुआं तो बना दिया परन्तु 15 साल में एक खंभा भी शिवराज सिंह चौहान साहब आपका विद्युत मंडल नहीं लगा पाया जबकि 15 साल से मैं बिल भी भर रहा हूं और भाजपा पदाधिकारी भी हूं।
यह कहानी किसी आम आदमी की नहीं है बल्कि एक पार्टी पदाधिकारी की हैं जिसे लोग मदन नागदा भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मोरवन सरवानिया महाराज के नाम से जानते हैं। एक किसान का दर्द विकास सिर्फ कागजों में पांच बार मंडल उपाध्यक्ष रहने के बाद भी एक खंभा कुए पर भी नहीं लगा पाए और रोजगार गारंटी में कांग्रेस शासन में कुआं तो बन गया पर खुद की सरकार में एक बिजली का खंभा भी नहीं लगा पाए ये कैसा विकास है।