इन्दौर। बिजली आपूर्ति गुणवत्ता से हो, साथ ही जहां ज्यादा लॉस आ रहा है, वहां सघन मॉनिटरिंग/एक्शन प्लान के साथ कार्य किया जाए। इससे ज्यादा लॉस वाले फीडरों की स्थिति में समय पर सुधार लाया जा सकेगा।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चैयरमेन एवं प्रदेश के ऊर्जा सचिव रघुराज एम.आर. ने ये निर्देश दिए। गुरुवार को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मिटिंग के दौरान वर्चुअल रूप से मौजूद रघुराज एमआर. ने कहा कि बिजली चोरी, अनियमितता रोकने के साथ ही तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि को दायरे में लाने के लिए प्रत्येक कर्मचारी अधिकारी ध्यान दें। इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने लाइनमैन स्तर के कर्मचारी से लेकर मुख्यालय द्वारा लॉस कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फील्ड ऑफिसर 3 रूपए से कम प्रति यूनिट राजस्व वाले फीडरों के लिए गंभीरता से लॉस कम करने में जुटे हैं। इस अवसर पर कंपनी के बोर्ड मेम्बर डॉ. प्रशांत सालवान, डॉ. राकेश सक्सैना, पुनीत दुबे, सचिन तालेवार, मुख्य महाप्रबंधक रिंकेश कुमार वैश्य, कंपनी सचिव आराधना कुलकर्णी आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।