बड़वानी। प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में कार्यरत शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा योग एवं ध्यान से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए चलाये जा रहे अभियान के अंतर्गत सूर्य नमस्कार का प्रशिक्षण दिया गया और अभ्यास करवाया गया। प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत बी.ए. और बी.एससी. प्रथम वर्ष के युवाओं को योग एवं ध्यान का प्रशिक्षण कॅरियर सेल के माध्यम से दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास आयुष मंत्रालय से योग वालंटियर और कार्यकर्ता नमन मालवीया ने करवाया। मंत्रों का उच्चारण पूजा बामनिया ने करवाया। सूर्य नमस्कार में हैं बारह मंत्र कार्यकर्तागण प्रीति गुलवानिया और वर्षा मुजाल्दे ने बताया कि सूर्य नमस्कार में कुल बारह स्थितियां होती हैं। प्रत्येक स्थिति के लिए सूर्यदेव की आराधना करने के लिए एक अलग मंत्र का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों को मंत्रों के साथ प्रशिक्षण दिया गया। ये मंत्र इस प्रकार हैं- ॐ मित्राय नमः, ॐ रवये नमः, ॐ सूर्याय नमः, ॐ भानवे नमः, ॐ खगाय नमः, ॐ पूष्णे नमः, ॐ हिरण्यगर्भाय नमः, ॐ मरीचये नमः, ॐ आदित्याय नमः, ॐ सवित्रे नमः, ॐ अर्काय नमः, ॐ भास्कराय नमः। नवजीवनदाता है सूर्य नमस्कार डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया कि सूर्य नमस्कार के महत्व का उल्लेख आदिकाल से हमारे धर्म ग्रंथों में मिलता है। वर्तमान में प्रचलित सूर्य नमस्कार की बारह स्थितियों की विधि गुजरात के योगाचार्य श्रीपाद दामोदर सातवलेकर ने किया। यह एक सम्पूर्ण व्यायाम एवं साधना है।यहां तक कहा जाता है कि यदि आपको नया जीवन चाहिए तो आपको सूर्य नमस्कार करना चाहिए। आयोजन में सहयोग पूनम कुशवाह, शोभा सोलंकी, सुभाष चौहान, अक्षय चौहान ने दिया।