देवास। नेवरी गणेश चतुर्थी से आनंद चौदस तक श्री गणेश जी की स्थापना पूरे भारतवर्ष में की जाती है हिंदू धर्म के अनुसार श्री गणेश जी प्रथम पूजनीय माने जाते हैं जगह-जगह विशाल पंडाल बनाकर रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे जाते हैं इसी तरह देवास जिले के नेवरी ग्राम में भी यह परंपरा श्री गजानन मित्र मंडल ने वर्ष 1919 में स्थापित की थी जो की लगातार परंपरा को निभाते हुए समिति द्वारा प्रतिवर्ष गणेश जी की प्रतिमा को विराजमान करते हैं व रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा जाता है व आनंद चौदस के दिन विशाल चल समारोह के साथ विशाल चलित झांकियां बनाई जाती है जो की नेवरी क्षेत्र के हजारों की संख्या में लोग शामिल होकर झांकी अखाड़े का आनंद लेते हैं अखाड़े के पहलवानों द्वारा अलग-अलग करतब दिखाया जाता है, साथ ही चलित झांकियां बनाई जाती है जो की आकर्षण का केंद्र बनी होती है, पूरे गांव के मुख्य चौराहे पर जुलूस निकाला जाता है जुलूस पर डीजे की धुन पर भक्ता खूब नाचते गाते हैं व गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ पूरा नगरगुंज उटथा है, इस अवसर पर समिति द्वारा समिति के सदस्यों पुलिस प्रशासन पत्रकार साथी वरिष्ठ जनों का पुष्प माला पहनकर व सिद्धिविनायक जी की प्रतिमा भेंटकर सम्मानित किया गया।