प्रतापगढ़। नई अफीम नीति 2023-24 में संशोधन करने की मांग को लेकर अफीम उत्पादक संघर्ष समिति व किसान प्रतिनिधियों ने हाई कोर्ट एडवोकेट अंशुल बैरागी के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ व जिला अफीम अधिकारी प्रतापगढ़ को ज्ञापन सौंपा। महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से किसानों के हित में नई अफीम नीति 2023-24 में संशोधन की मांग की गई।
समिति के प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष भंवरलाल डांगी ने जानकारी देते हुए बताया कि हाई कोर्ट एडवोकेट अंशुल बैरागी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह डागी, राष्ट्रीय संरक्षक रामकुमार योगी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बंशीलाल धाकड़ राजपूरा, राष्ट्रीय सचिव नारायण राणावत, प्रदेश अध्यक्ष मांगीलाल मालवीय खानुखेड़ा, भेरुलाल पाटीदार, दिलीप पाटीदार गरदोडी, श्याम लाल प्रजापत पिल्लू, मंदसौर जिलाध्यक्ष भरत कुमार ट्रेलर, गरोठ तहसील अध्यक्ष राजा राम महर मेलखेड़ा, पर्वत सिंह झाला, रूपलाल कुमावत, देवत, चैनराम डांगी, पुष्कर डांगी, प्रह्लाद डांगी, राजेश डांगी, अतुल डांगी, अशोक डांगी, भेरूलाल डांगी, ओमप्रकाश टेलर, राकेश टेलर, राजेश डांगी, कन्हैयालाल डांगी, अशोक डांगी सहित प्रतापगढ़ व आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों किसानों ने भारत सरकार द्वारा जारी अफीम नीति में तत्काल संशोधन करने की मांग उठाई है। साथ ही सीपीएस पद्धति को पूर्ण रूप से समाप्त करने की मांग को भी दोहराया है।
सीपीएस पद्धति देश व किसान हित में नहीं-
किसानों का कहना हैकि सीपीएस पद्धति देश व किसान हित में नहीं है। 1997 से 2003 तक के कटे हुए सभी अफीम पट्टे बिना किसी नियम के जारी होने चाहिए। एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 को समाप्त किया जाना चाहिए। अफीम डोडाचूरा की धारा 8/18 को हटाकर आबकारी में शामिल किया जाना चाहिए।
कई राज्यों में हो रही है अवैध खेती-
हाई कोर्ट एडवोकेट अंशुल बैरागी व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह डांगी ने बताया भारत सरकार व केंद्रीय नारकोटिक्स राजस्व विभाग जहां वैधानिक तरीके से खेती की जा रही है वहां किसानों पर कई प्रकार के नियम थोप रहा है। लेकिन जिन राज्यों में अवैध रूप से खेती हो रही है वहां कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यदि अफीम नीति में संशोधन व सीपीएस पद्धति को नहीं हटाया गया तो समिति के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को पीले चावल देंगे और बहुत जल्द मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, कोटा, झालावाड़, जावरा से 10 हजार किसान अफीम नीति के विरोध में दिल्ली के लिए पैदल मार्च निकालेंगे, जिसकी समसत जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।