निम्बाहेड़ा। अंजुमने इस्लाम कमेटी के तत्वावधान में शुक्रवार को सर्व मुस्लिम समाज द्वारा पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब की यौमे विलादत की खुशी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और अकीदत एवं अदब एहतराम के साथ मनाया गया।
अंजुमन सदर शोएब खान लाला ने बताया कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया जो नगर के बस स्टेंड के पास स्थित हजरत केली वाले बाबा साहब की दरगाह परिसर से सुबह 8 बजे शुरू हुआ। जुलूस के दौरान नगर की तमाम मुस्लिम तंजीमो द्वारा विभिन्न स्थानों पर अंजुमन सदर शोएब खान लाला, नायब सदर हाजी ख्वाजा हुसैन की दस्तारबंदी कर गुलपोशी की गई। जुलूस का विभिन्न संगठनों द्वारा अलग अलग स्थानों पर पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। साथ ही जुलूस में शामिल अकीदतमंदो को शरबत, अल्पाहार एवं शीतल जल तकसीम किया गया। जुलूस के दौरान बैंड में कोमी तराने बज रहे थे और हाथो में झंडा उठाए अकीदतमंद पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब की शान में पत्ती पत्ती फुल फुल या रसूल या रसूल, नाराए तकबीर अल्लाहु अकबर, देखो हमारे नबी की शान बच्चा बच्चा है कुर्बान, मेवाड़ का राजा दीवाना जैसे नारे बुलंद करते हुए चल रहे थे। शहर काज़ी हाजी आबिद हुसैन एवं नगर की तमाम मस्जिदों के इमाम साहेबान बग्गी में सवार थे और ऊंट पर सवार नन्हे मुन्ने बच्चे मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। जुलूस नगर के चंदन चौक, कैंची चौराहा, डाक बंगला रोड, चित्तौड़ी दरवाजा, नया बाजार, जामा मस्जिद, होली थड़ा, आजाद चौक, जावद दरवाजा, सब्जी मण्डी, शास्त्री मार्केट होता हुआ अंजुमन परिसर पहुंचा। जहां शहर काज़ी और इमाम साहेबान ने फातेहा ख्वानी कर देश में अमन चैन खुशहाली की दुआ मांगी। तत्पश्चात लंगर तकसीम किया गया।
जुलुस के समापन के मौके पर मुस्लिम समाज द्वारा बेहतरीन तरीके से जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्योहार मनाने के लिए अंजुमन सदर लाला ने पूरी मुस्लिम समाज का शुक्रिया अदा किया। जुलुस में कानून व्यवस्था बनाएं रखने के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासनिक अमला मुस्तेदी से तैनात रहा।
इस मौके पर हाफिज फारुख निजामी, कारी यूसुफ निजामी, मौलाना रिजवान, हाफिज मोहम्मद जिशान, मौलाना यासीन, कमर आलम, सलाम मुल्तानी, नफीस उर्फ बंटी, ईमरान कटी, अरकम खान, अरशद, अकरम मुल्तानी, नाजिम भोला, अनवर, निजाम, राजू चाचा, उबेद, अख्तर, जब्बार, इनायत, शरीफ, आसिफ मंसूरी आदि सभी मस्जिदों के ईमाम साहेबान एवं नगर की तमाम मुस्लिम तंजीमो के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन मौजूद थे।