खरगोन। जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत का मामला दूसरे दिन भी गर्माया। आक्रोशित समाजजनों ने रविवार शाम कलेक्टर कार्यालय के बाहर सड़क पर प्रदर्शन किया, जिससे खरगोन- इन्दौर रोड करीब तीन घण्टे बाधित रहा। स्थिति यह रही कि दो पहिया ओर पैदल आवाजाही भी बंद रही। शाम करीब 6.30 बजे शव इंदौर से मुख्यालय पहुंचा, एम्बुलेंस खडी कर कलेक्टर कार्यालय के बाहर सड़क पर रखकर पाल समाजजनों ने प्रदर्शन किया। सड़क पर शव के साथ धरना देते हुए कार्रवाई की मांग की। समाजजनो के आक्रोश को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस के आला अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही थी।
उल्लेखनीय है कि पहाड़सिंहपुरा क्षेत्र के एक 23 वर्षीय कैदी को 5 दिन पहले आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया था। आबकारी एक्ट के तहत युवक को जिला जेल भेजा गया था। शनिवार को युवक की जेल में तबीयत खराब होने के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे इंदौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही रवि की मौत हो गई।
युवक की मौत की सूचना के बाद शनिवार रात 11.30 बजे पहाड़सिंहपुरा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग और थाने पहुंचे थे, परिजनों का कहना है कि पुलिस पिटाई से युवक की मौत हुई। परिजनो ने एसपी को बताया कि युवक को जेल भेजने के पहले मेडिकल चेकअप हुआ था, जब वह पूरी तरह स्वस्थ्य था लेकिन उसके साथ मारपीट किए जाने से उसे खून की उल्टियां होने लगी थी। मामले को लेकर एसडीएम भास्कर गाचले ने पूरी जांच करके निष्पक्ष कार्रवाई करने की बात कही।