विदिशा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमाशंकर भार्गव ने जिले की पांचो विधानसभाओं में गठित सम्पत्ति विरूपण दल के सदस्यों को आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतो का निराकरण चौबीस घंटे में कर निर्वाचन आयोग की उल्लेखित पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशो का हवाला देते हुए कलेक्टर भार्गव ने बताया कि आदर्श आचरण संहिता जैसे ही प्रभावशील होगी एमसीसी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सजगता ओर सतर्कता से करना होगा। खासकर शासकीय परिसम्पत्तियों में सम्पत्ति विरूपण की कार्यवाही बिना सूचना प्राप्ति के भी की जाए। किसी भी शासकीय कार्यालय की दीवार पर पोस्टर, लेखन ना हो साथ ही किसी भी प्रकार के कटाउट होडिग्स ना लगे हो यदि किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होती है तो अविलम्ब कार्यवाही की जाए। सरकारी बसें, बिजली व टेलीफोन के खंबे, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड इत्यादि के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बैनर झंडे कदापि ना लगे हो, चुनाव की घोषणा के साथ ही सम्पत्ति विरूपण अधिनियम का कठोरता से समय सीमा में पालन कराया जाना सुनिश्चित हो। आयोग द्वारा सम्पत्ति विरूपण के तहत निर्वाचन तिथि की घोषणा के उपरांत विभिन्न स्तरों पर उल्लेखित कार्यवाहियों को संपादित कराने के लिए समय सीमा तय की गई है इसके अनुसार सरकारी सम्पत्ति पर लगे बैनर, झंडो को चौबीस घंटो में, टेलीफोन, बिजली खंभो के साथ-साथ निकाय क्षेत्रों में पूर्व से लगे राजनैतिक दलो के बैनर झंडो को 48 घंटे के भीतर जबकि निजी मकानो में अनाधिकृत रूप से राजनैतिक प्रचार से संबंधित विज्ञापन 72 घंटे के भीतर हटाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाए।