जहाँ एक तरफ मालवा निमाड़ में पोस्ते की अवैध खेती और अवैध मादक पदार्थाे की तस्करी चरम पर है तो वहीं दूसरे राज्यों में भी ये तेज़ी से फेल रही है। हाल ही में मणिपुर सरकार ने इसे लेकर एक बार फिर से पोस्ता खेती विरोधी अभियान शुरू करने के लिए नारकोटिक्स फोर्स को तैनात कर दिया है। वहीं इसे लेकर नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का एक नए अधिकारियों का समूह भी गठित किया है। इस नई टीम में कृषि, फोरेंसिक और साइबर अपराध विशेषज्ञों को शामिल किया गया हैं।
आपकों बता दें कि मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू होने के लगभग पांच महीने बाद सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशीले पदार्थों से निपटने के लिए अपनी टास्क फोर्स को तैनात किया है। अवैध पोस्त की खेती और अफ़ीम प्रसंस्करण के खिलाफ अभियान जारी रखने के लिए नए अधिकारियों के एक समूह का गठन किया है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2017 और 2023 के बीच मणिपुर में पोस्ते की खेती पहाड़ियों में 18,000 एकड़ से अधिक भूमि में फैल गई थी। पोस्त-विरोधी खेती अभियान को उन कारकों में से एक के रूप में देखा गया था, जिसने 3 मई से पहले, जिस दिन जातीय हिंसा शुरू हुई थी, चिन-कुकी जनजातियों और राज्य सरकार के बीच तनावपूर्ण प्रयासों को जोड़ा था। मणिपुर सरकार ने केंद्र से जल्द से जल्द सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करने और भारत और म्यांमार के बीच आवाजाही व्यवस्था को रद्द करने के लिए भी कहा है।