चित्तौड़गढ़। 14 अक्टूबर शनिवार को प्रातःकाल 8 बजे से गायत्री शक्ति पीठ चितौड़गढ़ पर प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सर्वपितृ अमावस्या पर पितरो के निमित्त श्राद्ध तर्पण का कार्यक्रम गायत्री परिवार द्वार निशुल्क करवाया जाएगा। गुरु देव ने कहा है कि पितृ हमारे अदृश्य सहायक है, उन्हें श्रद्धा और सम्मान दे। आव्हान किया है कि अपने पितरों की शांति एवं सद्गति हेतु उपरोक्त कार्यक्रम में भाग लेकर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें।
पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए मुक्ति कर्म को श्राद्ध कहते हैं। तृप्त करने की क्रिया और देवताओं, ऋषियों, पितरों को सुगंधित द्रव्य मिश्रित जल अर्पित करने की क्रिया को पूर्ण कहते हैं। तर्पण करना ही पिंडदान करना है। वेदों के अनुसार इससे पितृ ऋण चुकता है। तर्पण, पिंडदान और धूप देने से आत्मा की तृप्ति होती है।
इस के लिए गायत्री परिवार चित्तौड़गढ़ के मुख्य ट्रस्टी रमेश चंद्र पुरोहित ने बताया कि जो भाई बहिन इस कार्यक्रम मे भाग लेना चाहते है वे शुक्रवार शाम तक गायत्री शक्ति पीठ पर आकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेवे। ताकि आवश्यक व्यवस्था बनाई जा सके, साथ ही उनको भारतीय वेशभूषा में ही आना होगा। पुरुष धोती कुर्ता एवं महिलाएं साड़ी पहनकर भाग ले सकते है।