शाजापुर। छोटे शहरों के बच्चे भी अपनी प्रतिभा के बल पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं कुछ यही साबित किया है शाजापुर की रहने वाली कक्षा आठवीं की छात्रा ब्राम्ही जैन ने ब्राम्ही जैन को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत अपने मॉडल को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय अवार्ड मिला है।
शाजापुर शहर के एक निजी विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा ब्राम्ही जैन जिले की पहली बाल वैज्ञानिक हैं। जिन्हें अपने इनोवेटिव माडल को लेकर नेशनल इंस्पायर अवार्ड मिला है, पिछले दिनों नई दिल्ली के इन्दिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 10वीं राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रदर्शनी और प्रतियोगिता आयोजन किया गया था जिसमे पूरे देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित होकर आए बाल वैज्ञानिकों ने अपने इन्नोवेटिव आइडिया को प्रस्तुत किए थे, इस प्रदर्शनी मे देश के अन्य राज्यो के साथ साथ मध्यप्रदेश के शाजापुर से ब्राम्ही जैन ने अपने इन्नोवेटिव आइडिया पर आधरित प्रोटोटाइप को वैज्ञानिकों के समक्ष प्रदर्शित किया गया था। कक्षा 8वी की छात्रा ब्राह्मी जैन द्वारा स्कूल के शिक्षक शैलेंद्र कसेरा के तकनीकी मार्गदर्शन में मैकेनिको को वाहनों के नीचे जाकर मरम्मत करने के दौरान आने वाली समस्याओं और दुर्घटनाओं को रोकने वाली मैकेनिक सीट की डिजाइन के प्रोटोटाइप को इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया था इस माडल जमकर सराहना मिली, देश अलग अलग राज्य से श्रेष्ठ सर्वश्रेष्ठ 60 इनोवेटिव आइडिया प्रोटोटाइप का चयन किया गया जिसमें मध्यप्रदेश से ब्राम्ही जैन सहित 4 बाल वैज्ञानिको का चयन किया गया और बाल वैज्ञानिक ब्राह्मी जैन को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, ब्राह्मी जैन को अब राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप में राष्ट्रपति के समक्ष अपने इन्नोवेटिव आइडिया को प्रस्तुत करने के साथ-साथ सकुरा एक्सचेंज प्रोग्राम में जापान जाने का भी अवसर प्राप्त होना संभावित है, ब्राह्मी जैन का कहना है कि एक रोड़ ट्रिप के दौरान गाड़ी खराब होने पर उसने महसूस किया कि गाड़ी के निचले हिस्से में जाकर उसे ठीक करना मेकेनिक के लिए खासी परेशानी भरा रहता है इसी को लेकर इसके मन मे मैकेनिक स्मार्ट सीटर बनाने का आइडिया आया और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में उसने इस माडल को बनाया है, ब्राह्मी जैन अपने मॉडल को पेटेंट करवा रही है इसलिए इस से जुड़ी जानकारी और तकनीकी बातो का खुलासा नही किया, अपनी प्रतिभा के बल पर ऊंचा मुकाम हासिल करने वाली ब्राम्ही जैन का सपना खुद की एक स्टार्ट अप कंपनी खोलने का है, वही इस उपलब्धि पर छात्रा के शिक्षक भी बेहद प्रसन्न दिखाई दिए।