जबलपुर। नवरात्रि पर्व में जबलपुर में एक से बढ़कर एक मां दुर्गा की प्रतिमा विराजित है। कही मनमोहक झांकी है तो कही 51 फीट की माता स्थापित है। इस नवरात्रि पर्व में धनवंतरी नगर में विराजी मां काली भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसे की 12 साल के एक बच्चे ने बनाया है।
बच्चे का नाम अजय सिंह है जिसे कि बचपन से ही आर्ट का शौक है। अजय को अक्सर माता काली सपने में आती थी, जिसके चलते उसने मां काली की प्रतिमा बनाई। अजय के दिमाग में जैसे- जैसे माता की तस्वीर आती गई। वैसे-वैसे वह प्रतिमा बनाता गया। आखिरकार अजय ने 20 दिन में माता जी की छोटी सी लेकिन बहुत ही खूबसूरत मूर्ति बनाई है। माता काली के दर्शन करने के लिए अब आरती के समय रोजाना पड़ोसियों की भीड़ उमड़ रही है।
जबलपुर के धनवंतरी नगर में रहने वाले 12 साल के अजय सातवीं क्लास में पढ़ते है। पढ़ाई-लिखाई में अजय का मन ज्यादा नही लगता, लेकिन पेंटिग करना और मूर्ति बनाना उसे बहुत अच्छा लगता है। अजय ने बताया कि करीब एक माह पहले उसके मां काली सपने आई, अजय ने अपनी मां को यह बताया और काली मां की मूर्ति बनाने की जिद की। मां विजेता सिंह ने बच्चे की जिद मान ली। इसके बाद अजय जुट गया माता काली की मूर्ति बनाने में और करीब बीस दिनों में अजय ने तैयार कर ली खूबसूरत माता की मूर्ति। परिवार के साथ अजय ने बैठकी के दिन ही घर पर माता की प्रतिमा को स्थापित किया।
अजय ने बताया कि खेल- खेल में इससे पहले कागजों में पेंटिग और मूर्ति बना चुके है। पर इस बार उन्होंने मां काली की प्रतिमा बनाई है। अजय ने कहा कि सबसे पहले माता जी के लिए लकड़ी का बेस बनाया। उसके बाद फिर घास और मिट्टी की मदद से मूर्ति को आकार दिया, इसके बाद कलर किया। 20 दिन की मेहनत को बाद माता की प्रतिमा को तैयार कर लाइटिंग के साथ अजय ने स्थापना की । अजय ने बताया की दशहरा में विधि विधान के साथ माता का विसर्जन भी होगा, लेकिन नदी में नही घर पर ही, क्योंकि नदी में मूर्ति विसर्जन से प्रदूषण फैलता है।