कुकड़ेश्वर। नगर परिषद कुकड़ेश्वर की आबादी 15000 के लगभग है एवं 15 वार्ड एवं सफाई कर्मचारी भी तीन दर्जन से अधिक होने के बावजूद भी साफ सफाई का अभाव दिखाई देता है। स्वच्छता के नाम पर सिर्फ प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई करके लोगों का ध्यान भंग कर दिया जाता है, परंतु नगर परिषद साफ सफाई के लाख वादे करने के बावजूद भी नगर में नियमित नालियों की साफ सफाई नहीं होना एवं नालियों में गंदगी भर रहना इस बात को दर्शाता है कि साफ सफाई के नाम पर सिर्फ नौटंकी हो रही है। इसका ताजा उदाहरण नगर में 2 से 3 दिन में एक दर्शन से ज्यादा डेंगू एवं मलेरिया के मरीज पाए जाना जो कि वर्तमान में नीमच जिला चिकित्सालय में रेफर किए गए हैं।
आम जनता व नागरिकों का कहना है कि साफ-सफाई के नाम पर खाना पूर्ति की जाती है एवं बड़ी-बड़ी नालियां जो बनाई है, जिसमें महीनो से गाद वह गंदगी जमी रहती है एवं साफ सफाई नहीं होती एवं नगर के दोनों प्रमुख नाले जो की मच्छर को पनपने में मुख्य कारण है वहां पर इतनी गंदगी भरी पड़ी हुई है कि अगर इस और कोई ध्यान नहीं दिया तो यह एक दर्जन से ज्यादा डेंगू के मरीज सैकड़ो की संख्या में बढ़ जाएंगे जिसमें छोटे बच्चे एवं बड़े बुजुर्ग बीमार हो जाएंगे। आम जनता ने मांग की हैं कि अभी भी समय रहते अगर ध्यान नहीं दिया गया तो यह बीमारी विकराल रूप धारण कर लेगी और किसी की जान ले ली है तो इसकी समस्त जवाबदारी नगरी प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की रहेगी।
इस संबंध में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी कमल सिंह परमार से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि फागिग मशीन से गलीयों में धुआं एवं मशीन द्वारा लिक्विड छिड़काव किया जा रहा है जो कि पूरे नगर में एवं सभी नालियों की नियमित साफ-सफाई भी करवाने का कार्य चालू किया गया है।