मनासा। तहसील के गांव देवरी खवासा में पिछले 40 सालों से दशहरे का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। एक दिन पहले रावण का पुतला बनाकर दूसरे दशहरे के दिन भगवान चारभुजा नाथ का आगमन होता हैं। उसके पश्चात युवा वर्ग के द्वारा भूत प्रेत बनकर और हंसी ठिठोली कर रात को 11 बजे रावण के पुतले का दहन किया जाता है। यह कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से सुचारू रूप से चला आ रहा है। जिसमें काफी संख्या में गांव व आसपास के लोग देखने के लिए आते हैं।
कार्यक्रम में फिल्मी गानों के ऊपर रंगमंच वह हंसी मजाक के साथ में यह कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।