मनासा। जिसके मन में सिर्फ अपना और अपने परिवार का स्वार्थ निहित हो वो क्षेत्र का विकास और जनता की समस्यां क्या हल करेगा। जो हर चुनाव में अलग अलग किरदार में अपना रोल अदा कर जनता के साथ राजनीति करता हो वो सच्चा जनसेवक हो ही नही सकता। कुछ ऐसा ही चरित्र और आचरण रहा है यहां के भाजपा प्रत्याशी और मौजुदा विधायक अनिरूद्व माधव मारू का जिन्होने कभी निर्दलीय तो कभी कांग्रेस भाजपा से नाता जोडा है। यह उनके स्वभाव में ही नही उनके परिवार के स्वभाव में है। ऐसे व्यक्ति से आप सावधान रहे और एक ऐसे जनप्रतिनिधी का चुनाव करे जो राजनीति को सेवा का माध्यम बनाकर आपकी सेवा करे।
यह बात कांग्रेस प्रत्याशी नरेन्द्र नाहटा ने रामपुरा क्षेत्र के गांव बुरावन, ष्शंखोद्वार, बनडा, देवरान, सोनडी ,लसुडीयां, बडोदिया और दुधलई में जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणो से कही। जनसंपर्क के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी नाहटा को जनता ने कई समस्याए बताई साथ ही उनके साथ पांच सालो में किस तरह का व्यवहार भाजपा के विधायक और उनके लोगो ने किया इसकी दास्ता सुनवाई। नाहटा ने कहा कि आपके साथ क्या क्या हुआ है सबकुछ मुझे मालूम है। लेकिन अब आपका समय आ गया है। आप अपने साथ हुए सभी अत्याचार का हिसाब किताब चुकता करने का समय आ गया है। डूब प्रभावित किसानो ने अपना दर्द भी बताया। कांग्रेस प्रत्याशी नाहटा ने भाजपा प्रत्याशी माधव मारू पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा विधायक के पास मेरे खिलाफ कोई मुददे नही है। तो वे बाहरी का रोना रो रहे है। लेकिन उन्हे जानकारी नही है कि मेरी पैदाइश रामपुरा की है। मेरा परिवार यही निवासरत है। मेरा यहां के हर एक गांव से जीवंत संपर्क है। नाहटा ने विधानसभा चुनाव में मारू और उनके परिवार की निष्ठा पर सवाल खडे करते हुए कहा कि 1993 में जब भाजपा से राधेश्याम लढा चुनाव लडे तो इनके पिताजी स्व रामेश्वर मारू ने निर्दलीय चुनाव लडकर चुनाव हराने का काम किया। 1998 में जब इनको अपना राजनीति भविष्य खतरे में लगा तो जो आज चुनाव लड रहे है माधव मेरे पास आए और कहा कि मुझे कांग्रेस की सदस्यता दिला दो। मैने उन्हे कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। उसके बाद फिर 2008 और 2013 में निर्दलीय के रूप में चुनाव लडा और वे हार गए। उसके बाद फिर भाजपा में आ गए। इन्होने अपनी राजनीति जिंदा रखने के लिए और अपने और अपने परिवार के स्वार्थ की खातिर एक पार्टी के प्रति वफादारी नही रखी और वे कभी निर्दलीय तो कभी कांग्रेस भाजपा के साथ होकर चुनाव लडे। जिसका खुद का कोई जमीर नही हो वो जनता के साथ क्या ईमानदारी से न्याय कर पाएंगा। जिसको सिर्फ अपने स्वार्थ की चिंता हो क्या वो जनता का हित कर पाएंगा। जिसे राजनीति में सिर्फ अपने परिवार को आगे लाने की जिद्द हो क्या वो राजनीति में कार्यकर्ता को आगे आने देगा। इन सब बातो पर आपको गौर करना होगा और आने वाली 17 नवंबर को उन्हे जवाब देने के लिए कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर बता दे कि जिनको हमने 30 साल तक करीब से जाना पहचाना है वो बाहरी नही बल्कि आपके व्यवहार व आचरण से लगता है कि आप यहां की संस्कृति और सभ्यता में पले बढे नही हो।
गांवो में नाहटा को मिल रहा महिलाओ का समर्थन, बोली मामा ने हमारा अपमान किया-
गांवो में कांग्रेस प्रत्याशी नरेन्द्र नाहटा को जनसंपर्क के दौरान महिलाओ का अच्छा समर्थन मिल रहा है। महिलाएं जब कांग्रेस प्रत्याशी से मिलती है वे अपना दर्द बेबाकी के साथ बताने में बिल्कूल भी संकोच नही कर रही है। महिलाओ ने कहा कि भाजपा की लाडली बहना योजना लागू की लेकिन उसका लाभ हमें नही मिला। शिवराज ने बहनो का सम्मान नही अपमान करने का काम किया है। यह सुनकर नाहटा ने ने कहा कि आप चिंता मत करो मामा की विदाई करो आपको प्रदेश की कांग्रेस सरकार बनने पर नारी सम्मान योजना का लाभ दिलाएंगे और सम्मान देने का काम करेगेे। गांवो में पहुचने पर ग्रामीणो में कांग्रेस प्रत्याशी के प्रति उत्साह है। ग्रामीणजन ढोल ढमाको के साथ में कांग्रेस प्रत्याशी का स्वागत कर उन्हे जिताने का संकल्प ले रहे है।