कुकड़ेश्वर। स्थानीय ज्ञान मंदिर हाई स्कूल में शरद पूर्णिमा वाल्मीकि जयंती और अजमीढ जयंती सतीष खाबिया अध्यक्ष नगर पत्रकार संघ, तेजकरण सोनी अध्यक्ष नगर विकास प्रस्फुटन समिति, नरेंद्र चौधरी वरिष्ठ पत्रकार, विनोद पोरवाल पत्रकार, दशरथ नागदा पत्रकार, मंजू सोनी संचालिका, हर्षित माहेश्वरी पत्रकार की उपस्थिति में मां सरस्वती अजमीढ जी महाराज और वाल्मीकि जी की प्रतिमा की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ।
हुआ इस अवसर पर नगर पत्रकार संघ के अध्यक्ष सतीष खाबिया ने बताया कि वर्षा विगत शरद ऋतु आई लछमन देख हूं परम सुहाई की चौपाई से अपना उद्बोधन प्रारंभ करते हुए बताया कि भारतीय संस्कृति में त्योहारों का बहुत महत्व है आज से प्रकृति में परिवर्तन प्रारंभ हो जाता है। प्रकृति के साथ-साथ मनुष्य में भी परिवर्तन आता है। वर्षा ऋतु आज से समाप्त हुई और शरद ऋतु प्रारंभ हो रही है इस मौसम में हम सबको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए कार्य करना चाहिए।
नरेंद्र चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य ही संपत्ति है हमें प्रातः काल जल्दी उठकर के स्नान इत्यादि से निवृत होकर परमपिता परमेश्वर का ध्यान करना चाहिए। जिससे हम दिन भर ऊर्जा से परिपूर्ण रहते हैं। तेजकरण सोनी ने सभी को शरद पूर्णिमा वाल्मीकि जयंती और अजमीढ जयंती पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मंजू सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराजा हस्ती के पुत्र अजमीढ जी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वंशज बाल्य काल से ही कलाओं से परिपूर्ण थे आगे चलकर अपने स्वर्ण कला की अनेक प्रकार की कला कृतियां, आभूषणों का निर्माण कर राजा महाराजाओं को भेंट करने का कार्य किया तब से आज तक स्वर्णकार समाज आभूषणों का निर्माण करते हुए अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे हैं जो व्यक्ति जैसा काम करता है वैसा ही उसका वर्ण बन जाता है। स्वर्णकार समाज का निर्माण अजमीढ जी महाराज के काल से ही प्रारंभ हुआ है जो आज तक निरंतर स्वर्ण कला के आभूषण बनाते आ रहे हैं। आपने सभी को अजमीढ जी महाराज की जयंती पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज में खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम को हर्षित माहेश्वरी ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में दशरथ नागदा, प्रकाश जैन, मनोज खाबिया, चेतना पवार, तुलसी मोदी, कुमारी दीपिका, कुमारी सुनीता, सरोज लोहार, कुमारी अनामिका सेन के साथ विद्यालय के भैया बहन उपस्थित थे। सभी ने मिलकर अजमीढ जी महाराज की पूजा अर्चना और आरती की कार्यक्रम का संचालन व आभार संस्था प्रमुख भगवती प्रसाद सोनी द्वारा किया गया प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।