नीमच/सुवाखेड़ा। ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के बी फार्मा प्रथम द्वितीय तृतीय एवम चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने एक दिवसीय इंडस्ट्रियल टूर के दौरान उदयपुर की रसराज आयुर्वेदिक फार्मेसी का विजिट किया।
प्रिंसिपल डॉ कल्पना पाटीदार ने इंडस्ट्रियल विजिट को छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस तरह के ओद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को उद्योग जगत के व्यावहारिक पहलुओं को समझने और क्लास में पड़ी गई बातो को प्रेक्टिकली देखने का अवसर प्रदान करते है और बताया कि इंडस्ट्रियल एक्सपोजर देने के लिए समय समय पर इंडस्ट्रियल विजिट, गेस्ट लैक्चर, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, सेमिनार इत्यादि गतिविधियों का आयोजन ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के द्वारा किया जाता है।
इस अवसर पर रसराज आयुर्वेदिक फार्मेसी के डायरेक्टर धर्मेन्द्र जैन, प्रोडक्शन एंड क्वालिटी इंचार्ज हनवंत सिंह, क्वालिटी असिस्टेंट धर्मेंद्र चौधरी ने रॉ मैटेरियल पल्वराइजेशन, ग्रेन्युल सेक्शन, टैबलेट मैन्युफैक्चरिंग, कोटिंग, सिरप सेक्शन, पैकेजिंग और फिनिश्ड प्रोडक्ट की पूर्णतया जानकारी दी तथा विविध मशीन जो की फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में टैबलेट सिरप और अन्य दवाइयों को बनाने के लिए उपयोग की जाती है उनका लाइव डेमो दिखाया और समझाया कि किस प्रकार दवाई बनाने से लेकर सरकार द्वारा अप्रूवल और फाइनल प्रोडेक्ट को मार्केट में कैसे इंट्रोड्यूज किया जाता है।
साथ ही साथ छात्रों को क्वालिटी एंड रिसर्च लेबोरेटरी आयुर्वेद एवम हर्बल विकास संस्थान का भी भ्रमण करवाया गया। जहां पर बताया गया कि किस प्रकार दवाई की क्वालिटी और उनकी टेस्टिंग की जाती है। अंत में विद्यार्थियों की इंडस्ट्री संबंधित अनेक जिज्ञासाओं का समाधान किया। कंपनी के डायरेक्टर धर्मेन्द्र जैन ने छात्रों के विभिन्न सवालों के जवाब दिए।
इंस्ट्रियल विजिट को ज्ञानोदय के प्रो अर्जुन परमार, प्रो अंकिता पोरवाल, प्रो वैभव वर्मा, प्रो अंजलि बैरागी, अनीस मंसूरी एवं छात्र कॉर्डिनेटर दीपक शर्मा और मोहन सुथार ने सफलता पूर्वक कॉर्डिनेट किया।
इस अवसर पर संस्था की निर्देशिका डॉ माधुरी चौरसिया, मैनेजिंग डायरेक्टर अभिनव चौरसिया, ग्रुप डायरेक्टर डॉ प्रशांत शर्मा, प्रिंसिपल डॉ कल्पना पाटीदार ने सभी को बधाई दी और छात्रों के उज्वल भविष्य की कामना की और बताया कि इस प्रकार के टूर आगे भी संस्था की ओर से करवाए जाते रहेंगे ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। उक्त जानकारी प्रो अनूप चौधरी ने दी।