नीमच। चैतन्य दीपराज, सर्वशक्तिवान, ज्योर्तिमय स्वरूप, परमपिता परमात्मा शिवबाबा द्वारा वर्तमान समय विश्व परिवर्तन के संधिकाल में चैतन्य आत्माओं में राजयोग एवं सत्य गीता ज्ञान की अलख जगाकर, सतयुगी स्वर्णिम दुनिया की स्थापना की जा रही है.. जिसमें विश्व महाराजन श्री लक्ष्मी-नारायण की ताजपोशी का अलौकिक पर्व दीपावली मनाया जा रहा है। उक्त विचार राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने दीपावली पर्व पर प्रात: कालीन सत्र में आयोजित ब्रह्माकुमारीज़, पावन धाम के विशाल सभागार में उपस्थित ब्रह्मावत्सों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
ब्रह्माकुमारीज़ के नीमच उपक्षेत्रिय केन्द्र से सम्बन्धित नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़, पिपलिया मण्डी, नारायणगढ़ आदि ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्रों पर अमृतवेला 3.30 बजे से ही दीपावली पर्व का प्रारंभ हुआ तथा प्रात:कालीन सत्र में ही सभी स्थानों पर दीपावली के विशाल कार्यक्रम सम्पन्न हुए। विशेषकर नीमच में सभी सैंकड़ों ब्रह्मावत्सों ने दीप प्रज्जवलित किये व श्री लक्ष्मी-नारायण की सुंदर झांकी के सम्मुख ध्वनि प्रदुषण मुक्त दीपावली मनाने का संकल्प धारण किया।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी ने चैतन्य महादीप परमात्मा शिव को महाभोग स्वीकार करवाया तथा कार्यक्रम का संचालन राजयोगिनी बी.के.श्रुति दीदी ने किया। इस सु-अवसर पर संपूर्ण ज्ञानसागर परिसर की भव्य साज-सज्जा की गई थी। कार्यक्रम के अंत में नीमच सबझोन निदेशक बीके सुरेन्द्र भाई ने सभी का आभार प्रदर्शन किया तथा बड़ी संख्या में उपस्थित ब्रह्मावत्सों को महाप्रसादी वितरित की गई।