गरोठ। तहसील के गांव कोटडाबुजुर्ग में कई पुर्व वर्षो से एक परंपरा चली आ रही हैं। यहां दीपावली के दुसरे दिन घांसभेरु महाराज को बेलों से खींचकर गांव भ्रमण कराया जाता हैं।
घांसभेरु महाराज के गांव में चार स्थान है। हर साल उनको अलग अलग स्थान पर विराजमान किया जाता हैं। यहां गांव सहित आसपास के क्षेत्र से बडी संख्या में देखने के लिए भीड़ उमडती हैं। बेलों द्वारा भेरुमहाराज को पुरे गांव में घुमाया जाता हैं तथा भेरुमहाराज के उनके स्थान पर विधी विधान पुर्वक बिठाने के बाद में बैलो को बेंड डोल डीजे के साथ व बडे धुमधाम से उनको अपने अपने घर के सामने पुजा अर्चना की जाती हैं। गांव में जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाता हैं। झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रही हैं।