नीमच। जिले के रामपुरा से गरीब, मजदूर और मछुआरा परिवार की महिलाएं रोती बिलखती आज अपने घरों को बचाने की दुहाई देते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची। करीब 30 महिलाओं ने संयुक्त कलेक्टर राजेश शाह को बताया कि वर्षों से हमारे बुज़ुर्गों की कब्जाई जमीन पर हम लोग झोपड़िया बनाकर रह रहे थे। अभी कुछ महीने पहले ही हमने कच्चे पक्के मकान बनाए हैं। अब नगर परिषद रामपुरा के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हमें घरों से बेदखल करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। नोटिस चस्पा कर आवास तोड़ने के संबंध में राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। हमें पट्टा वितरण का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है।
महिलाओं ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का देश के हर नागरिक से वादा है कि उनका अपना निजी आवास हो। मछुआरा परिवार की महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि हमारा मकान तोड़ा गया तो हम लोग आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद रामपुरा की होगी। इस दौरान मानी बाई, सपना, ज्योति, पूजा, प्रेमा, कुसुम, कला, विद्या, राधा, रेखा, शांति और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही। महिलाओं ने पट्टे आवंटित करने की मांग की।