नीमच। शहर से 210 किलोमीटर दूर प्रसिद्द दरगाह बाबजी के दरबार में शहर सहित देश में अमन और शांति की दुआ लेकर 80 भक्तजनों का जत्था आज पैदल यात्रा पर रवाना हुआ। राजस्थान के डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा तहसील अंतर्गत गलियाकोट स्थित विश्व प्रसिद्द बाबजी मौला फखरुद्दीन शहीद की दरगाह हैं। जहां दुनिया भर के हर धर्म के लोग अपनी मनोकामना लेकर आस्था और श्रद्धा के साथ दर्शन करने आते हैं।
नीमच शहर के स्कीम नंबर 36 बोहरा कॉलोनी के दुबई विला से आज दाऊदी बोहरा समाज के 80 युवा जायरिनों का पैदल जत्था जियारत करने के लिए बाबजी के दरबार के लिए निकला। नौजवानों ने तिरंगा झंडा हाथ में लिए और हिंदुस्तान जिंदाबाद, या बाबजी या हुसैन और सैयदना साहब जिंदाबाद के जोशीले नारों से शहर की फिज़ा को गुंजायमान कर दिया। 01 फरवरी 2024, गुरुवार को यह जायरीनों का जत्था बाबजी मौला के दरबार पहुंचकर मत्था टेकेगा।
पैदल यात्रा की शुरुआत बोहरा समाज की परंपरा अनुसार दरीस के साथ हुई। इसके बाद पैदल यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए बोहरा बाजार पहुंची। बाबजी मौला की जियारत के लिए पैदल जा रहे जायरीनों का जगह-जगह मुंह मीठा कर अभिनंदन किया गया। अली फाउंडेशन के सदस्यों ने इस मौके पर जमकर आतिशबाजी की। जियारत के लिए जा रहे नौजवानों पर पुष्प वर्षा की। बड़ी संख्या में उपस्थित समुदाय ने भावविभोर होकर विदाई दी। यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए आवश्यक सामग्री और संसाधन लेकर चार पहिया वाहन भी साथ चल रहे है।
इस अवसर पर अली असगर राज टूर, अब्बास साकरिया, अली असगर गौहर, अब्दुल कादिर ईरानी, जूजर बाल्टीवाला, ताहिर बूटवाला, हकीमुद्दीन राणा, फातिमा मंदसौरवाला, मरियम, दुरय्या राणा, रशीदा और बड़ी संख्या में बोहरा समाज के पुरुष और महिलाएं मौजूद रहे।