नीमच। शहर के उप नगर नीमच सिटी में शीतला सप्तमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया होली पर्व के सात दिन बाद शीतला सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। महिलाओं ने सुबह जल्दी उठकर स्नान किया और एक दिन पहले बनाए गए ठंडे-बासी व्यंजनों का भोग मां शीतला को अर्पण किया। इस विधान से पूजन करने का आशय है कि घर में सुख-सौभाग्य और आरोग्यता बनी रहे। साथ ही बच्चों की दीर्घायु के लिए मां शीतला का पूजन किया जाता है। पूजन करने के बाद हल्दी भरे हाथों के छापे घरों के बाहर लगाए गए, ताकि घर में सुख-सौभाग्य व समृद्धि बनी रहे।
घरों में नहीं जला चूल्हा-
चैत्र मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी पर यह पर्व मनाया जाता है। बुधवार को शीतला सप्तमी और गुरुवार को अष्टमी का व्रत रहेगा। इस दौरान घरों में चूल्हा नहीं जलता है और एक दिन पूर्व तैयार किए गए पकवानों का शीतला माता को भोग लगाया गया। शीतला माता का पूजन कर बच्चों के दीर्घायु होने व परिवार की सुख-शांति की कामना की गई। परिवार के सभी सदस्य भी इसी प्रसाद को ग्रहण करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से चिकन पॉक्स छोटी माता चेचक बड़ी माता जैसे बीमारियां बच्चों को नहीं लगती है मां का प्रसाद ग्रहण करने से मां शीतला की कृपा हमेशा बनी रहती है।