उज्जैन। तरना-सोमवार को राठौर समाज महिला मंडल द्वारा परंपरागत अनुसार गणगौर का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया और शोभायात्रा निकाली गई। सोमवार की सुबह महिलाओं द्वारा शीतला सप्तमी का पूजन अर्चन किया एवं वहीं शाम 4 बजे स्थानीय राठौर धर्मशाला तराना से शोभायात्रा निकाली गई जिसमे 3 जोड़ो ने हिस्सा लिया जिसमे प्रथम जोड़े के रूप मे उर्वशी सोलंकी दुल्हा एवं दुल्हन कुसुम राठौर दूसरे जोड़े मे खुशबू राठौर दूल्हा एवं परीक्षि परमार दुल्हन बनी साथ ही तीसरे जोड़े के रूप मे काव्या बोड़ाना दूल्हा एवं दिव्यांशी बोड़ाना दुल्हन बनी जिसमे न्नहे मुन्ने बच्चो की जोड़ी आकर्षक का केंद्र रही चल समारोह नगर के मुख्य मार्गाे से होता हुआ पुनः राठौर धर्मशाला पहुंचा जहां पर पूजा अर्चना की गई मान्यता हैं की होली के दूसरे दिन से चौत सुदी तीज तक सुहागिन और कुवांरी कन्या गणगौर की पूजा करती है। इसके बाद सौहलवें दिन गणगौर को गीत गाकर, पूजाकर विदा किया जाता है। इस दौरान सूरज रोटी का वृत भी रखा जाता है। मुख्य रूप से इन 16 दिनों में सुहाग की लंबी आयु की कामना के साथ भगवान शंकर पार्वती की पूजा की जाती है। सोलह दिन के दौरान गणगौर के अनेक गीत भी गाये जाते है। इसके तहत गणगौर के दिन दूल्हा-दुल्हन बनाकर बैंड बाजो, ढोल ढमाको के साथ जूलुस के रूप मे नगर के प्रमुख मार्गाे से निकाला गया समाजजनों ने चल समारोह का स्वागत किया गया उक्त कार्यक्रम को सफल बंनाने मे समाज की महिलाओ द्वारा बड़चढकर हिस्सा लिया साथ ही समाज द्वारा नवविवाहीत दुल्हनो का स्वागत सत्कार किया गया उपरोक्त जानकारी राठौर समाज महिला मंडल अध्यक्ष श्यामा राठौर द्वारा दी गई।