सरवानिया महाराज। राणावत परिवार की महिलाओं द्वारा सनातन संस्कृति अनुसार गणगौर पर्व पारंपरिक अंदाज में मनाया गया जिसमे सुबह 09 बजे से हवेली में राजपुत महिलाओं द्वारा अपनी राजपूती वेशभूषा सज - धज कर गणगौर पूजन किया! गणगौर पर्व को लेकर महिलाओ में उत्साह देखते बन रहा था महिलाओं ने पति की लंबी आयु सुख समृद्धि के लिए ईसर - गणगौर माता बनाकर पारंपरिक वेशभूषा में से पूजन किया।
नगर सरवानिया महाराज अचंल में चौत्र शुक्ल तृतीया पर गणगौर पर्व पर अखंड सुहाग इच्छित वर की कामनाओं को लेकर महिलाओं एवं नव युवतियां ने गणगौर पूजन किया गया।
बारी बारी से एक के बाद एक महिला गणगौर पूजन किया शाम को भी महिलाओ द्वारा गणगौर जी को पानी पिलाने की रस्म निभाई गई।
पति से छिपकर रखा जाता है व्रत -
इस व्रत को सुहागिन महिलाए पति से छिपकर रखती है इस व्रत के बारे में पति को कुछ भी नही बताया जाता है पूजा में चढ़ाया गया प्रसाद भी महिलाए पति को नही देती है इस पावन दिन गणगौर माता यानी मां पार्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है।
तत्पश्चात राणावत परिवार महिलाओ एवं पुरुष ने शाम 4.00 बजे से शोभायात्रा निकाली जो की हेवली से चालू होकर मुख्य मार्गाे से होते हुई रावले में पहुंची महाआरती ने बाद सभी सह परिवार भोजन कर कार्यक्रम को संपन्न किया।