मंदसौर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 को कुशलतापूर्वक सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए नियुक्त शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी जिन्हें पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय, तृतीय के लिये नियुक्त किया गया हैं, उन मतदान दल कर्मियों का तृतीय प्रशिक्षण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं कुशाभाउ ठाकरे आटिडोरियम में जिले के मास्टर ट्रेनर के द्वारा दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनरों द्वारा मतदान दलकर्मियों को बताया गया कि तृतीय प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण हैं, इससे अच्छे से समझे मन में कोई संकोच न रखें कोई प्रश्न हो तो उसका निसंकोच समाधान कर लेंवे। घबराहट एवं डर दिमाग से निकाल दें।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मतदान में पीठासीन अधिकारी व मतदान कर्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए मतदान दलकर्मी सैद्धांतिक के साथ गहनता से प्रशिक्षण लें, ताकि मतदान दिवस पर किसी प्रकार की परेशानी न आए। पीठासीन अधिकारी हस्तपुस्तिका का भलीभांति अध्ययन कर लें।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मतदान हेतु सामग्री प्राप्त करने हेतु निर्धारित समय पर पहुंचे एवं सामग्री का मिलान अच्छे से कर लेवें , मतदाता सूची को चेक कर लेवें। इस के साथ ही मास्टर ट्रेनर ने प्रशिक्षण में मतदान से पूर्व बूथ पर की जाने वाली कार्रवाई, मतदान शुरू करने, मतदान समाप्ति सहित सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी एवं बताया कि मतदान दिवस पर निर्धारित समय पर मतदान कराएंगे। बूथ पर मोबाईल का उपयोग न करें। मतदान कराने से पूर्व मॉक पोल कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पार्टी प्रत्याशी एजेंटों के सामने मॉक पोल मतदान करवायें । मतदान में लगे सभी कर्मचारी कर्तव्यनिष्ठा एवं शालीनता, सुरक्षा और गोपनीयता के साथ मतदान प्रक्रिया को सम्पन्न कराया जाना हैं, जिसकी जिम्मेदारी आप की हैं। मतदान बूथ में पीठासीन अधिकारी अनुशासन बनाये रखें, शालीनता से व्यवहार करें, तांकि शांतिपूर्ण निर्वाध मतदान संपन्न हो सके। मास्टर ट्रेनर ने मतदान दलकर्मियों को मतदान कराये जाने हेतु सैद्धान्तिक प्रशिक्षण देकर बारीकियों को समझाया। प्रशिक्षण में मतदान दल कर्मियों को ईवीएम, व्ही.व्ही.पैट मशीन, वेलिट यूनिट, कन्ट्रोल यूनिट की कार्यप्रणाली उसे कनेक्ट करना एवं इनकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्होंने प्रपत्र भरने, ईवीएम को ऑन व ऑफ करने व सील करने के साथ ही वीवीपैट को संयोजित करने, खोलने और सील करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुवे प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर ने प्रशिक्षण के दौरान मतदान दल कर्मियों की शंकाओं का निदान भी किया।