जोधपुर/चित्तौड़गढ़। जनचेतना मंच राजस्थान के संरक्षक व चितौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के चेयरमेन डॉ आई एम सेठिया द्वारा कार में आगे व पीछे बैठने पर सीट बेल्ट बांधने की विगत 10 वर्षों से चलाई जा रही जनचेतना की मुहिम ने आज स्वयं डॉ सेठिया के पूरे परिवार को बचा लिया।
डॉ सेठिया अपनी धर्मपत्नी स्थाई लोक अदालत सदस्य एडवोकेट विमला सेठिया, पुत्र महावीर, पुत्रवधु जाह्नवी और लंबे समय से साथ कार्यरत चालक संतलाल यादव के साथ शनिवार शाम नाकोड़ा तीर्थ पहुंचे और रविवार को नाकोड़ा तीर्थ के दर्शन कर रविवार शाम जोधपुर पहुंच कर वो वहीं रुके और उन्होंने परिवार को शाम 6 बजे चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना किया। जोधपुर से 60 किलोमीटर दूर बिलाड़ा के समीप भावी ग्राम के आस पास तेज गति से आ रहे नीलगाय रोजड़ा ने कार को जोरदार टक्कर मार दी जिसके कारण कार आगे व मध्य से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। लेकिन डॉ सेठिया की कार में आगे व पीछे की सीट पर सीट बेल्ट लगाने की नियमित मुहिम के चलते आगे बैठी पत्नी विमला सेठिया, पीछे बैठे पुत्र महावीर व पुत्रवधु जाह्नवी सहित चालक ने सीट बेल्ट बांध रखे थे जिसके कारण वो दुर्घटना के शिकार होने से सुरक्षित बच गए। दुर्घटना स्थल पर भाजपा नेता प्रसन्न मेहता के प्रयासों से तुरंत भाजयुमो कार्यकर्ता ने दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर परिवार के सदस्यो को दूसरे वाहन में जोधपुर पहुंचाया।
परिवारजनों ने डॉ सेठिया की सीट बेल्ट बेल्ट लगाने की विगत 10 साल से चलाई जा रही मुहिम को सार्थक बताते हुए कहा कि आमजन भी इस मुहिम से सीख लेकर जीवन में दुर्घटनाओं से होने वाले संकटों से स्वयं और साथियों को जीवन संकट से बचा सकते हे। जनचेतना मंच इसको लेकर कई बार आम जन को जगाने के प्रयास करता रहता है।