मंदसौर। जिले के पिपलियामंडी थाना अंतर्गत गांव खेड़ा खदान के ग्रामीणों ने आज थाने पहुंच पुलिस के द्वारा दर्ज मामले को लेकर आवेदन दिया गया। ग्रामीणों का कहना हैं कि पुलिस ने जो प्रकरण दर्ज किया हैं वो झूठा हैं। राजनीतिक द्वेषता के चलते प्रकरण दर्ज करवाया गया हैं।
गांव खेड़ा खदान के आनंद गुर्जर द्वारा पिपलियामंडी थाना पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 09 मई 2024 को पुलिस ने उसके पिता दशरथ गुर्जर के खिलाफ धारा 386, 387, 294, 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आवेदन में बताया गया कि घटना के समय दशरथ गुर्जर प्रतिदिन अनुसार पिपलिया में दूध बांटकर अपने ससुराल गांव भूखी जाने के लिए गांव के ही महेंद्र सिंह ठाकुर से उनकी कार पिपलियामंडी थाने के यहां मंगवाई। फिर दशरथ गुर्जर ने अपनी मोटरसाइकल थाने में खड़ी की और महेंद्र ठाकुर की कार से गांव भूखी जाने के लिए रवाना हुए। फिर टोल नाका क्रॉस कर मंदसौर बायपास पहुंचे ही थे कि दशरथ गुर्जर के बड़े बेटे ने फोन पर सूचना दी कि गांव में जयप्रकाश, दिनेश और सरपंच प्रतिनिधि वासुदेव के बीच विवाद हो गया हैं। जिसके बाद दशरथ गुर्जर ने वापस गांव खेड़ा खदान पहुंचे।
लेकिन अगले दिन अख़बार में खबर छपी जिसमे दशरथ गुर्जर के ऊपर पिपलियामंडी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया।
आवेदन में बताया गया हैं कि यह प्रकरण पूरी तरह से गलत बनाया गया हैं। क्योंकि घटना स्थल पर दशरथ गुर्जर उपस्थित ही नहीं थे। यह राजनीतिक द्वेषता के कारण कार्यवाई की गई हैं। जबरन दशरथ गुर्जर को आरोपी बनाया जा रहा हैं। साथ ही आवेदन में कहा गया हैं कि सत्यता की पुष्टि के लिए दशरथ गुर्जर के मोबाइल की लोकेशन और टोल गेट के सीसीटीवी फुटेज भी देख सकते हैं।
थाने में आवेदन देने के दौरान गांव खेड़ा खदान के कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे।