भवानीमंडी। कोटा संभाग में नेत्रदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ती जा रही है और इसी जागरूकता का परिचय देते हुए अंता कस्बे में भी नेत्रदान के परोपकार के कार्य का प्रारंभ हुआ है।
भारत विकास परिषद के प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी मयंक ठाकुरिया ने बताया कि बुधवार को अंता कस्बे के खंडेलवाल समाज के वरिष्ठ सदस्य गुलाबचंद जंघेनिया का निधन होने के बाद भवानीमंडी निवासी दामाद अशोक खंडेलवाल के द्वारा मृतक के पुत्र सत्यनारायण एवं शिवराज से नेत्रदान के लिए बातचीत की। शिक्षित परिवार होने के कारण परिवार की ओर से नेत्रदान हेतू सहज स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस पर भवानीमंडी निवासी परिषद शाखा के नेत्रदान प्रभारी कमलेश गुप्ता दलाल के माध्यम से शाइन इंडिया फाउंडेशन को सूचना देने पर, शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ ने तुरंत ज्योति रथ से अंता पहुंचकर कॉर्निया प्राप्त किया। घर पर उपस्थित सभी परिवारजनों एवं बाहर से आए हुए रिश्तेदारों के सामने नेत्रदान संपन्न हुआ। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित सभी नगरवासियों और रिश्तेदारों ने नेत्रदान की प्रक्रिया को अच्छी तरह से देखा और जानकारी को प्राप्त किया कि नेत्रदान में किसी भी तरह की चेहरे पर विकृति नहीं आती है, इसमें केवल आंखों के ऊपर की झिल्ली जिसे कॉर्निया कहा जाता है को ही लिया जाता है। इसमें पूरी आंख नहीं निकाली जाती है। यह रक्तहीन प्रक्रिया 10 मिनट में ही पूरी हो गई।
इस दौरान भारत विकास परिषद के विष्णुकान्त शर्मा, मयंक ठाकुरिया, सोनु वैष्णव आदि परिषद सदस्यों ने सहयोग किया।
आई बैंक सोसाइटी ऑफ़ राजस्थान के बीबीजे कोऑर्डिनेटर डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि नेत्रदाता का कॉर्निया अच्छा पाया गया है, जिसे आई बैंक जयपुर भेजा जाएगा। जहां यह दो नेत्रहीनों को नई नेत्र ज्योति प्रदान कर सकेगा।
भारत विकास परिषद एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से यह अंता शहर से पहला नेत्रदान प्राप्त हुआ है।
परिषद के प्रांतीय पर्यावरण प्रकल्प प्रभारी मयंक ठाकुरिया ने आगे और जानकारी देते हुए बताया कि परिषद शाखा की प्रेरणा से शहर के अनेकों नागरिकों के द्वारा नेत्रदान का संकल्प लिया हुआ है एवं इस नेत्रदान से नगर के और अधिक नागरिकों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।