चित्तौड़गढ़। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, धर्मपरायण, सुश्रावक, गुप्त दानी, संथारा साधक, विनय अब्बानी चित्तौड़गढ़ का संथारपूर्वक देवलोक गमन हुआ। बड़ी संख्या में गणमान्यजन व नागरिकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
स्व भँवरलाल अब्बानी के सुपुत्र शास्त्री नगर निवासी 68 वर्षीय विनय अब्बानी ने 16 मई को संथारा पच्छकाण ग्रहण किया, उसी दिन सायंकाल संथारा सीझ गया।
प्रात: स्मरणीय युग निर्माता, प्रतिपल वन्दनीय उत्त्कांति प्रदाता, परम पूजनीय आचार्य भगवन श्री रामलालजी म सा एवं बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्रद्धेय श्री राजेश मुनि जी म सा की असीम कृपा से शासन दीपिका श्री निरंजना श्री जी म सा की अनुज्ञा से श्री सुप्रतिभा श्री जी म सा के मुखारविंद से 16 मई 2024 को 03.38 मिनिट पर चौविहार संथारा के प्रत्याख्यान कराए गए थे और लगभग 05.40 बजे पर संथारा सीझ गया। 17 मई को प्रातः काल 09 बजे उनकी ढोल यात्रा उनके निवास स्थान से रवाना हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन, गणमान्य जन, व नागरिकों ने भाग लेकर उन्हें अंतिम विदाई दी, और पुण्यात्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उल्लेखनीय है कि अब्बानी, साध्वी श्री तरुलता श्री जी एवं श्री अंजलि श्री जी म सा के सांसारिक भाई हैं।
मोक्ष गामी आत्मा को कोटि-कोटि नमन करते हुए जिन शासन देव प्रभु महावीर से दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की गई।