मंदसौर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की माताजी माधवी राजे सिंधिया का 76 साल की उम्र में बुधवार 15 मई को निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार थी और दिल्ली के एम्स में भर्ती थी। राजमाता सिंधिया का राजसी परंपरा से ग्वालियर में सिंधिया छत्री पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान देश के कई राज परिवार के सदस्य और राजनेता राजमाता को श्रद्धांजलि देने ग्वालियर पहुंचे।
वहीं नीमच-मंदसौर जिले से भी कई सिंधिया समर्थक नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। जावरा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे पूर्व मंत्री स्वर्गीय महेंद्र सिंह कालूखेड़ा का सिंधिया परिवार ने शुरू से ही आत्मीय जुड़ाव रहा हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया का बचपन भी स्वर्गीय कालूखेड़ा के सामने बीता हैं। राजमाता सिंधिया की अंतिम यात्रा में स्वर्गीय महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के अनुज के के सिंह कालूखेड़ा भी शामिल हुए। उनके साथ मंदसौर के भाजपा नेता और सिंधिया समर्थक मुकेश काला, सिंधिया समर्थक संदीप बन्ना पिपलिया मंडी भी मौजूद रहे। शोक संवेदना व्यक्त करते वक्त के के सिंह कालूखेड़ा और मुकेश काला भावुक हो गए। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया को ढांढस बंधाते हुए वे खुद भी इतने भावुक नजर आए कि खुद सिंधिया ने उन्हें कंधो पर सर रखकर उन्हें दिलासा दिया।