मनासा। जिले के सबसे प्राचीन शनि देव जी महाराज की प्रतिमा जिसके दर्शन करने पर भक्तों के सभी दुख दर्द दूर हो जाते हैं। कहते हैं कि प्रतिमा का स्वरूप ऐसा है, जिनके अपने दोनों हाथों में मुख में सूर्यदेव जब शनि देव जी महाराज के दर्शन करने आते तो शनिदेव के नेत्र के दर्शन कभी नहीं होते सिर्फ़ शनिदेव प्रतिमा जिनके मुख में सूर्य देव के दर्शन होते है। 6 जून शनि देव जन्मोत्सव मनाया जायेगा, जिसमें 10 बजे हवन अभिषेक 2 बजे महिला भजन कीर्तन 4 बजे प्रसाद वितरण रात्रि में भजन कीर्तन सभी भक्तों से अनुरोध आप ऐसा स्वरूप जिसके दर्शन करने पर सभी कार्य सिद्ध होते हैं। कोई श्रद्धालु भक्त शनिदेव जन्मोत्सव पर हवन अभिषेक में बैठने के लाभ प्राप्त करने हेतु अपनी सहमति समिति को बताए।