भिंड। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की कोठी की नपाई करने के लिए शनिवार को राजस्व टीम दोबारा पहुंची है। साथ में पुलिस फोर्स भी है। कोठी भिंड के लहार में है। सरकारी जमीन पर कब्जा पाया जाता है तो कोठी पर बुलडोजर चल सकता है।
18 जुलाई को भी टीम नाप के लिए पहुंची थी, लेकिन तब नपाई पूरी नहीं हो सकी। इसके दूसरे दिन 19 जुलाई को कांग्रेस नेता के बेटे अमित प्रताप सिंह ने सीमांकन रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। यह खारिज हो गई। ऐसे में आज फिर कार्रवाई शुरू की गई है।
कार्रवाई पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने लहार से ही बीजेपी विधायक अंबरीश शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे दुश्मनों जैसा बर्ताव कर रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं को चुन-चुन कर जेल में डलवा रहे हैं। अब हमारा मकान तुड़वाकर हमें अपमानित करने का काम कर रहे हैं।
मैंने 1 इंच भी सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया
डॉ. गोविंद सिंह ने कहा, श्मैंने अपने जीवन में 1 इंच भी सरकारी जमीन या किसी दूसरे की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। लहार विधायक के पिता का मकान 80ः सरकारी जमीन पर बना है। लहार में करीब 40ः मकान सरकारी जमीन पर बने हैं। इस पर प्रशासन क्यों चुप है।
लोगों ने की थी सरकारी रास्ते पर कब्जा कर कोठी बनाने की शिकायत
पूर्व नेता प्रतिपक्ष के लहार स्थित कोठी के सीमांकन का मुद्दा इन दिनों खूब गरमाया हुआ है। आज सीमांकन के लिए राजस्व विभाग की टीम सबसे पहले मढ़यापुरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंची। यहां से नपाई की शुरू की गई। मैन रोड से कोठी नापी जाएगी। कोठी और आसपास के एरिया में दो सर्वे नंबर की तलाश की जाएगी। यह सर्वे नंबर सरकारी बताया जा रहा है। इन दोनों सर्वे नंबर को लेकर ही वार्ड 12 के रहने वाले जाटव समाज के लोगों ने शिकायत की थी कि कोठी सरकारी रास्ते पर कब्जा कर बनाई गई है।