उमरिया। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार कम बारिश और बिजली कटौती से ग्रामीण और आमजन परेशान हो चुके हैं। कम बारिश के कारण किसानों की फसल तो प्रभावित हो ही रही है, वहीं बिजली कटौती के कारण सिंचाई के लिए भी किसान परेशान है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे बिजली कटौती हो रही है। और लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है जिसके कारण खेतों में पानी नहीं लग पा रहा है। धान का रोपा सूखने की कगार पर आ चुकी हैं। किसान धान के रोपा कार्य में जुटे हुए हैं, जिसके कारण खेतों में पानी की जरूरत है।
जिले में इस बार बारिश पिछले वर्ष के आंकड़ों की अपेक्षा इस वर्ष बहुत कम हुई है। जिसके कारण खेतों में नमी कम पड़ रही है। पानी की कमी के कारण फसल तो प्रभावित हो ही रही है। साथ ही उमस भरी गर्मी भी पड़ रही है, जिसके कारण लोग बीमार हो रहे हैं।
8 से 10 घंटे कटौती, लो वोल्टेज बनी समस्या
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां किसानों को पानी की आवश्यकता और बिजली की जरूरत है, वही इन दोनों 8 से 10 घंटे बिजली कटौती हो रही है और पावर आने पर वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। जिसके कारण पंप भी नहीं चल पा रहे हैं और सिंचाई व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है।
किसान राजेश ने बताया कि बिजली कटौती के कारण समस्या तो बनी हुई है, लो वोल्टेज भी एक बड़ी समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्र में भी बिजली कटौती के कारण आम जन जीवन प्रभावित हो गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों की माने तो फाल्ट के कारण कटौती हो रही है।
बारिश के आंकड़े
जिले 1 जून से 20 जुलाई तक 154.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 358.4 मि.मी वर्षा दर्ज हुई थी।