नीमच। जिले के वनक्षेत्रों में अवैध कटाई, अवैध उत्खनन एवं वनभूमि पर अतिक्रमण की प्रभावी रोकथाम हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक गत दिवस कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर दिनेश जैन, एसपी अंकित जायसवाल, वनमण्डाधिकारी एसके अटोदे उपस्थित थे।
बैठक में वनमण्डल नीमच अंतर्गत अतिक्रमण निरोधी अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। वनमण्डलाधिकारी नीमच एसके अटोदे ने बताया, कि द्वारा वर्तमान में नवीन अतिक्रमण नहीं है। यदाकदा अतिक्रमण के प्रयास किये जाने पर उन्हें तत्काल विफल कर दिया जाता है। कलेक्टर जैन ने वनक्षेत्र में कोई भी नया अतिक्रमण प्रकाश में आने पर शासन निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
अवैध उत्खन्न-
वनमण्डलाधिकारी नीमच द्वारा वनमण्डल के अन्तर्गत अवैध उत्खनन की मुख्य समस्यारतनगढ़ परिक्षेत्र के अरनिया वनखण्ड में होना बताया गया। उन्होने बताया, कि वर्तमान में अवैध उत्खनन का कोई भी प्रकरण उक्त क्षेत्र में प्रकाश में नहीं आया हैं कलेक्टर ने वनक्षेत्र में किन्हीं भी परिस्थितियों में अवैध उत्खनन नहीं होने देने के निर्देश दिये गये।
अवैध कटाई-
नीमच वनमण्डल के अन्तर्गत अवैध कटाई की विशेष समस्या नहीं है। यदाकदा छुटपुट निस्तारी चोरी के प्रकरण प्रकाश में आते रहते हैं। जिनका विभाग द्वारा नियमानुसार निराकरण समय-समय पर किया जाता है। कलेक्टर द्वारा अवैध कटाई का कोई भी प्रकरण प्रकाश में आने पर कठोर कार्यवाही कर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वनमण्डलाधिकारी अटोदे ने बताया कि नीमच वनमण्डल में 18 संरक्षित वनखण्डों के 28824.349 हेक्टर रकबे के वन व्यवस्थापन की कार्यवाही शेष है। उपरोक्तानुसार 18 वनखण्डों में से 16 वनखण्डों को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 के अधीन आरक्षित वन बनाये जाने हेतु वर्ष 1988 एवं वर्ष 2021 में अधिसूचित किया जा चुका है। उपरोक्त 16 वनखण्डों में से 07 वनखण्डों में वनव्यवस्थापन अधिकारी द्वारा धारा 06 की उद्घोषणा जारी की जा चुकी है तथा अवशेष 09 वनखण्डों में उद्द्घोषणा जारी करने हेतु वनव्यवस्थापन अधिकारी नीमच, जावद एवं मनासा को एवं समस्त 16 वनखण्डों के वनव्यवस्थापन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं वनव्यवस्थापन अधिकारी को निर्देशित किया गया है।