नीमच। शहर के खेल मैदान असामाजिक तत्वों का अड्डा बने हुए है। पहले ही नीमच में खेल मैदानों की कमी है,और जो खेल मैदान है वह भी अव्यव्यवस्थाओं के शिकार है। हम आपको जो तस्वीरें दिखा रहे हैं, यह हायर सेकेंडरी ग्राउंड जिसे क्रमांक 2 भी कहा जाता है, वहां की है। इस मैदान की हालत यह है की जो खिलाड़ी यहां अभ्यास करने आते हैं उन्हें वार्म अप होने से पहले सफाई करनी पड़ती है। शराब की बोतलें,पाउच की पन्नियों से मैदान पटा हुआ रहता है।रात के समय में नशेड़ी मदिरा का सेवन कर बोतलें फेंक जाते हैं। मैदान में कचरा बिखरा पड़ा रहता है। मैदान का उपयोग लोग खुले में शौच करने के लिए भी कर रहे है। जो लोग यह हरकतें करते हैं, अव्वल तो वही जिम्मेदार है। लेकिन इस बात से नगरपालिका का अमला और जिम्मेदार लोग भी भलीभांति वाकिफ है। लेकिन इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां बच्चों से लेकर युवा तक फुटबॉल,क्रिकेट,बास्केटबॉल की प्रैक्टिस करते है। सेहत के लिए जागरूक लोग यहां दौड़ने और मॉर्निंग वॉक के लिए भी आते है। अहम सवाल यह है कि जब खेल मैदान इस तरह के होंगे तो हम खिलाड़ियों की सुविधा की बात किस मुंह से करेंगे? खेलों के लिए हम प्रतिभाओं को कैसे तराशेंगे?